Women Reservation Bill: लोकसभा में महिलाओं के हक और परिसीमन को लेकर ऐतिहासिक बिल पेश हो चुके हैं, लेकिन इन बिलों पर बहस कम और सियासी ‘तीरंदाजी’ ज्यादा हो रही है. गुरुवार को संसद का माहौल उस वक्त अचानक गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के भीतर ‘मुस्लिम महिलाओं’ के कोटे का सवाल दाग दिया. जवाब देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और उन्होंने ऐसा सियासी पलटवार किया जिसने पूरे सदन का ध्यान खींच लिया. शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सपा को इतनी ही चिंता है, तो वह अपने सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे.
मुस्लिम महिलाओं को भी मिले आरक्षण (Women Reservation Bill Muslim quota)
सदन की कार्यवाही के दौरान सबसे पहले सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने मोर्चा खोला. उन्होंने मांग उठाई कि महिला आरक्षण बिल में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) और मुसलमान महिलाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए. उनका तर्क था कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक इस बिल का कोई मतलब नहीं है.
इसके बाद अखिलेश यादव 9Akhilesh Yadav On Women Reservation Bill) ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है. मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या सोचा गया है?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीयत जातिगत जनगणना कराने की नहीं है.
‘सपा सारे टिकट मुसलमानों को दे दे’ (Amit Shah On Women Reservation Bill)
सपा नेताओं के इन तीखे सवालों का अमित शाह ने बेहद आक्रामक अंदाज में जवाब दिया. शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण देने का सवाल ही पैदा नहीं होता. शाह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है.” उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर सपा का बस चले तो वह ‘घरों’ की भी जाति तय कर दे.
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विपक्ष का विरोध (Parliament Session Women Reservation Bill)
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक के बाद विपक्ष ने परिसीमन का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया था. संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इन बिलों का विरोध करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह संविधान को ‘हाईजैक’ करना चाहती है. विपक्ष का स्पष्ट रुख है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने के खिलाफ हैं.
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