राजीव गांधी जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने किया नमन, ‘सद्भावना दिवस’ पर याद किए पूर्व पीएम
Rajiv Gandhi Jayanti: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर पीएम मोदी, ओम बिरला, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी. जानें उनका राजनीतिक सफर और विरासत.
गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान श्रीलंकाई सैनिक ने क्यों की थी राजीव गांधी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश?
30 जुलाई 1987 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हुए हमले ने भारत-श्रीलंका संबंधों के इतिहास में एक बड़ा मोड़ दर्ज किया. यह घटना उस दौर की जटिल राजनीति, श्रीलंका के गृहयुद्ध और भारत के शांति प्रयासों की कहानी को दिखाती है.
’18 साल में वोट का अधिकार कांग्रेस की देन’, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में गूंजी युवाओं की आवाज, जूली ने दिया भरोसा
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत की. उन्होंने कांग्रेस और युवाओं के रिश्ते पर चर्चा की.
जब सेशेल्स के राष्ट्रपति को नहीं था अपनी ही सेना पर भरोसा, फिर भारत ने ऐसे बचाई थी सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेशेल्स यात्रा ने भारत और इस हिंद महासागर देश के पुराने रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है. करीब चार दशक पहले भी भारत ने सेशेल्स की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई थी.
राजीव गांधी सरकार vs मीडिया: क्यों 2 जुलाई 1986 को ठप हो गई थी देश की प्रेस?
Indian Press Blackout: 2 जुलाई 1986 को भारत में अखबारों का प्रकाशन बंद रहा. राजीव गांधी सरकार और अखबार मालिकों के बीच वेतन बोर्ड के फैसले को लेकर हुए टकराव ने प्रेस ब्लैकआउट को जन्म दिया.
जब एक फैसले ने बदल दी पूर्वोत्तर की तकदीर; पढ़िए देश के सबसे सफल शांति समझौते की इनसाइड स्टोरी
मिजोरम का शांति समझौता भारत के इतिहास में एक ऐसा अहम मोड़ है, जिसने करीब दो दशक तक चले उग्रवाद और हिंसा को खत्म कर दिया.
दूरदर्शन पर शाम का वो प्रसारण…जानिए 1986 में अयोध्या के ताले खुलने की खबर ने कैसे पूरे देश को चौंका दिया था
रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर बहुत कुछ लिखा जा चुका है. ‘जिरह अजुधिया : एक पुरातत्त्वविद् की कलम से’ उन सबसे इस मामले में अलग है कि इसे उस व्यक्ति ने लिखा है जो इस विवाद के सबसे निर्णायक मोड़ पर विवादित स्थल के सबसे निकट था.
1975 का आपातकाल और बॉलीवुड: ‘किस्सा कुर्सी का’ से ‘नसबंदी’ तक, जब तानाशाही के दौर में फिल्मों पर चला था सेंसर का चाबुक
Emergency and Cinema: 1975 के आपातकाल के दौरान तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने पर कन्नड़ फिल्म 'चंदा मरुता' की अभिनेत्री स्नेहलता रेड्डी को जेल में जानलेवा यातनाएं दी गईं. इसी दौर में इंदिरा सरकार पर तीखा व्यंग्य करने वाली फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' के प्रिंट तक जला दिए गए थे.
आसमान में उड़ा विमान, जमीन पर बदली राजनीति; संजय गांधी की उस दुर्घटना की पूरी कहानी जिसने राजीव गांधी को बनाया PM
Sanjay Gandhi Plane Crash: सुबह के करीब 8:30 बजे, दिल्ली का आसमान एक बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना. संजय गांधी का विमान नियंत्रण खोकर विलिंगडन क्रिसेंट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस एक हादसे ने इंदिरा गांधी को व्यक्तिगत रूप से तोड़ दिया और राजीव गांधी के राजनीति में प्रवेश का रास्ता खोल दिया.
राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
Rajiv Gandhi Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि दी.





