केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले तीन वर्षों का एक ठोस और बहुआयामी रोडमैप तैयार किया गया है.
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के कारोबार से आने वाला काला धन आतंकवाद को वित्तीय पोषण देता है, जिससे दुनिया भर में ‘नार्को-टेरर’ मॉड्यूल को बढ़ावा मिलता है. भारत सरकार इस पूरे इकोसिस्टम को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है.
नशामुक्त भारत अभियान के 4 प्रमुख स्तंभ
अमित शाह ने बताया कि इस तीन वर्षीय व्यापक अभियान को चार मजबूत स्तंभों पर खड़ा किया गया है:
- इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित प्रवर्तन
- प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग्स पर सख्त नियंत्रण
- डिमांड एवं हार्म रिडक्शन (मांग और नुकसान में कमी)
- क्षमता निर्माण एवं अंतर-एजेंसी समन्वय
उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अब ड्रग्स की जांच के लिए ‘नीचे से ऊपर’ और ‘ऊपर से नीचे’ (Bottom-Up & Top-Down) दोनों मॉडल पर काम कर रही हैं. यदि सड़क पर नशीले पदार्थ की एक छोटी पुड़िया भी पकड़ी जाती है, तो उसके स्रोत तक पहुंचा जाता है. वहीं सीमा पर बड़ी खेप पकड़े जाने पर उसके अंतिम उपभोक्ता तक पूरे सिंडिकेट को खंगाला जा रहा है.
‘मानस’ हेल्पलाइन और तकनीक का इस्तेमाल
नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के पुनर्वास और सहायता के लिए सरकार ने ‘मानस’ (MANAS) हेल्पलाइन (1933) शुरू की है. इसके साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के कैडर का पुनर्गठन किया गया है. अपराधियों के राष्ट्रीय डेटाबेस के लिए ‘निदान’ (NIDAAN) पोर्टल और CCTNS डेटा के जरिए देशव्यापी ड्रग्स हॉटस्पॉट्स का मैपिंग विश्लेषण तैयार किया गया है.
36 देशों से 274 भगोड़े लाए गए वापस
गृह मंत्री ने आंतरिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण कराकर उन्हें भारतीय अदालतों के सामने पेश किया गया.
पिछले तीन वर्षों में 401 और जुलाई 2026 तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए.
‘भारतपोल’ के जरिए 14 से अधिक राष्ट्रीय जांच एजेंसियों को एक मंच पर जोड़ा गया है.
वर्ष 2019 से 2026 तक भगोड़ों से जुड़ी लगभग ₹17,874 करोड़ की संपत्तियां सील की जा चुकी हैं.
सीबीआई, विदेश मंत्रालय, इंटरपोल, ईडी और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) के लिए तिमाही लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं.
आंतरिक सुरक्षा और जब्ती के ऐतिहासिक आंकड़े
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद अलगाववाद थमा है, पांच दशक पुरानी नक्सल समस्या अंतिम सांसें गिन रही है और पूर्वोत्तर में 10,000 युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा को चुना है.
ड्रग्स जब्ती के तुलनात्मक आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया:
जब्ती: 2004-14 के दौरान जहां 26 लाख किग्रा ड्रग्स जब्त हुई थी, वहीं 2014-26 के बीच यह बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम पहुंच गई.
अनुमानित कीमत: मोदी सरकार में जब्त ड्रग्स की कीमत ₹1.89 लाख करोड़ रही, जो पूर्ववर्ती सरकार में लगभग ₹40 हजार करोड़ थी.
विनष्टीकरण: 2004-14 में 3.36 लाख किग्रा के मुकाबले 2014-26 के दौरान 48.68 लाख किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किए गए.
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