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1857 के महानायक मंगल पांडे को अमित शाह का श्रद्धांजलि संदेश, कहा- राष्ट्रहित के लिए दिए प्राण

Mangal Pandey Jayanti: मंगल पांडे जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह ने श्रद्धांजलि दी. जानिए 1857 की क्रांति में मंगल पांडे की भूमिका, बलिदान और उनके ऐतिहासिक योगदान की पूरी कहानी.

Mangal Pandey Jayanti

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1857 की क्रांति के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा क्रांतिवीर मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया है. अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की.

“मंगल पांडे जी को कोटि-कोटि नमन”

अमित शाह ने लिखा, “क्रांतिवीर मंगल पांडे जी ने 1857 की क्रांति का बिगुल फूंककर स्वसंस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष की जनचेतना जागृत की. अंग्रेजी दमन और अन्याय से मां भारती को मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने प्राणों तक की आहुति दे दी. उनके बलिदान से प्रज्वलित हुई क्रांति की चिंगारी आगे चलकर स्वतंत्रता की महाज्वाला में परिवर्तित हुई. ऐसे अद्वितीय बलिदानी, अमर क्रांतिवीर मंगल पांडे जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन.”

मंगल पांडे को क्यों हुई फांसी?

मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) के निकट बलिया गांव में हुआ था. वे ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल आर्मी के सिपाही थे. 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में उन्होंने अंग्रेजी हथियारों का बहिष्कार करते हुए विद्रोह का श्रीगणेश किया. उन्होंने अपनी यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर पर गोली चलाई, जो 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत मानी जाती है.

इस साहसी कार्य के लिए उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी की सजा दी गई. मात्र 29 वर्ष की आयु में उन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया. उनका यह कदम पूरे भारत में विद्रोह की लहर पैदा करने वाला साबित हुआ, जिसने अंततः 1947 में पूर्ण स्वतंत्रता की नींव रखी.


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भारत की आजादी की लड़ाई में मंगल पांडे की भूमिका

इतिहासकारों के अनुसार, मंगल पांडे ने एनफील्ड राइफल की कारतूस में गाय और सूअर की चर्बी का इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया, जो सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था. उनका विद्रोह ‘सेपॉय म्यूटिनी’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ, जो वास्तव में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था. केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दी गई यह श्रद्धांजलि राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण है. मंगल पांडे जैसे वीरों की याद आज के युवाओं को देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा देती है.

-भारत एक्सप्रेस



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