Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

मोकामा के ‘छोट सरकार’ की विधायकी पर मंडराया काला साया! 7 दिन का अल्टीमेटम, क्या खत्म होगा अनंत सिंह का राज?

Bihar Politics: पार्टी विरोधी गतिविधियों और एमएलसी चुनाव में बागी तेवर दिखाने के मामले में मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बिहार विधानसभा ने उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है.

मोकामा विधायक अनंत सिंह को बिहार विधानसभा ने भेजा नोटिस. एमएलसी चुनाव में बगावत और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 7 दिन में मांगा जवाब.

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है. जेडीयू द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बिहार विधानसभा ने औपचारिक नोटिस थमा दिया है. उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए सिर्फ 7 दिनों का समय दिया गया है.

बिहार विधानसभा द्वारा थमाया गया यह नोटिस मोकामा विधायक अनंत सिंह के राजनीतिक करियर के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है. जेडीयू की ओर से दिए गए सीडी, पेपर कटिंग्स और अन्य सबूतों ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने अनंत सिंह की घेराबंदी मजबूत कर दी है. यदि आगामी 7 दिनों के भीतर अनंत सिंह का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो दलबदल विरोधी कानून और पार्टी अनुशासनहीनता के तहत उनकी सदस्यता रद्द होना लगभग तय है. जेडीयू से 6 साल के लिए निष्कासन के बाद अगर उनकी विधायकी भी जाती है, तो मोकामा के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे और राज्य में एक नए उप-चुनाव का रास्ता भी साफ हो सकता है.

जेडीयू ने की थी सदस्यता रद्द करने की मांग

पूरा मामला तब गरमाया जब जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को लिखित आवेदन देकर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की. जेडीयू ने अपने दावों के समर्थन में अखबारों की कटिंग, सीडी और कई ठोस सबूत भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे थे, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है.

एमएलसी चुनाव में बगावत पड़ी भारी

यह पूरा विवाद बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव से जुड़ा है. आरोप है कि अनंत सिंह ने जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का खुलकर समर्थन और प्रचार किया था. पार्टी के निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाने पर जेडीयू ने 24 अक्टूबर 2026 को उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

अनंत सिंह पर लगे गंभीर आरोप

जेडीयू की शिकायत के मुताबिक अनंत सिंह पर मुख्य रूप से तीन गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं- पहला, पार्टी के निर्देशों का पालन न करना; दूसरा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना और तीसरा, आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर विरोधी का प्रचार करना.

अब आगे क्या होगा?

सोमवार को विधानसभा का नोटिस मिलने के बाद अनंत सिंह को तय 7 दिनों के भीतर अपना जवाब सौंपना होगा. उनके जवाब और स्पष्टीकरण के आधार पर ही विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय उनकी सदस्यता पर अंतिम फैसला लेगा. इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं.

यह भी पढ़ें-प्रीति अदाणी ने की पीएम मोदी के विजनरी नेतृत्व की तारीफ, बताया कैसे बदला काशी का स्वरूप?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital