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India – Pakistan Relations

Arif Aajakia On Pakistan In UN: कराची के पूर्व मेयर आरिफ आजकिया ने पाकिस्तान को एक बार फिस से UN में आईना दिखाया है. उन्होंने सिंधु जल संधि पर भारत को दोष देने वाली पाक सेना को ही पानी लूटने वाला बताया है. साथ ही आतंक के मुद्दे पर उन्होंने पोल खोल दी है. जानिए और क्या-क्या कहा?

Indus Water Treaty: भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर फिर तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान का आरोप है कि भारत संधि का पालन नहीं कर रहा, जबकि भारत का कहना है कि वह नियमों के अनुसार ही काम कर रहा है.

Ghulam Ali Khatana On India Pakistan Dialogue: भारत और पाकिस्तान के 117 बुद्धिजीवियों द्वारा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को लिखे गए पत्र पर भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कड़ा रुख अपनाया है. खटाना ने साफ कहा कि बातचीत तभी होगी जब पाकिस्तान पहले PoK खाली करेगा. जानें भारत की नई कूटनीतिक शर्त?

India Pakistan Relations: भारत और पाकिस्तान की 117 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच वार्ता, राजनयिक संबंध और वीजा सेवाएं बहाल करने की अपील की है.

India Pakistan Relations RSS: आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की खिड़की खुली रखने और खेल-व्यापार जारी रखने की वकालत की है. जानिए भारत-पाक रिश्तों पर संघ के इस नए नजरिए के क्या हैं मायने?

पटियाला हाउस कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को यूएपीए मामलों में दोषी करार दिया है.

श्री राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम पर पाकिस्तान की बयानबाजी पर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से करारा जवाब दिया गया. विदेश मंत्रालय बोला- अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का लंबा इतिहास रखने वाला पाकिस्तान हमें लेक्चर न दे.

Sindhudesh Movement: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सभ्यता के हिसाब से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा. इस बयान से पाकिस्तान नाराज हुआ और सिंधुदेश आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.

Rajnath Singh Sindh Statement: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिंध को लेकर बयान दिया कि सभ्यता के हिसाब से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा. इस पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे विस्तारवादी सोच बताया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भले ही आज सिंध भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसकी सभ्यता और संस्कृति हमेशा भारत से जुड़ी रहेगी. उन्होंने सीमाओं के बदलने की संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य में सिंध भारत में लौट सकता है.