पूर्वोत्तर का सुंदर राज्य असम इस वक्त कुदरत के भयानक प्रकोप से जूझ रहा है. ऊपरी इलाकों में हुई बादल फटने की घटनाओं और मूसलाधार बारिश ने राज्य में ऐसी जलप्रलय ला दी है, जैसी बीते कई सालों में नहीं देखी गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया और भरोसा दिया कि नुकसान के सटीक आकलन के लिए केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी (इंटर-मिनिस्टीरियल) टीम जल्द ही राज्य का दौरा करेगी.
सामान्य से 436% ज्यादा बारिश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य के कई इलाकों में सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. इसके चलते उन मैदानी इलाकों में भी पानी भर गया है, जो पहले कभी बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए थे.
असम के 25 जिलों के 1,800 से भी ज्यादा गांव पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं. इस आपदा की चपेट में आने से अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बेजुबान मवेशियों की भी भारी संख्या में मौत हुई है. कुल मिलाकर 9 लाख से अधिक लोग इस महा-आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं.
राहत-बचाव अभियान जारी
पानी में घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं. बेहद दुर्गम और कटे हुए इलाकों में फंसे ग्रामीणों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों और नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है.
प्रशासन ने अब तक 148 से अधिक राहत शिविर बनाए हैं, जहां करीब 30,000 बेघर हुए लोगों ने शरण ली है. प्रभावितों के बीच 3 लाख किलोग्राम से ज्यादा चावल और अन्य राशन सामग्री बांटी जा चुकी है.
पुनर्वास के लिए बनेगा स्पेशल पैकेज
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पीड़ितों के लिए एक व्यापक पुनर्वास पैकेज तैयार कर रही हैं. साथ ही, भविष्य में ऐसी आपदाओं के असर को कम करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर बेहतर जल प्रबंधन पर भी काम किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: सड़कों का सुपर-नेटवर्क: मोदी सरकार के ‘डिजिटल प्लान’ से मिली हाई-स्पीड कॉरिडोर्स को नई उड़ान
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


