Atal Canteen: हिमांशु/दिल्ली: कहते हैं कि भूखे को रोटी मिल जाए, तो उससे बड़ा कोई पुण्य नहीं होता. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस सपने को सच करने की दिशा में दिल्ली ने आज एक बड़ा कदम उठाया है कि ‘दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए’. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के खास मौके पर दिल्ली की जनता, खासकर मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए ‘अटल कैंटीन’ के दरवाजे खोल दिए गए हैं.
लाजपत नगर से हुई शुरुआत
शुक्रवार को राजधानी के लाजपत नगर इलाके में पहली अटल कैंटीन का भव्य उद्घाटन हुआ. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद मौजूद रहीं. नेताजी सिर्फ फीता काटकर चले नहीं गए, बल्कि उन्होंने आम आदमी की तरह 5 रुपये का टोकन लिया और लाइन में लगकर थाली भी ली.
खाने की मेज पर जब दाल, चावल, रोटी और सब्जी सजी, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उसकी पहली बाइट लेते ही कहा, “इसे कहते हैं असली सात्विक भोजन. स्वाद बिल्कुल घर जैसा है.” केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने भी भोजन की गुणवत्ता की जमकर तारीफ की.
कैसा है प्लान?
दिल्ली सरकार और प्रशासन की योजना बेहद बड़ी है. पहले चरण में पूरी दिल्ली में 100 कैंटीन खोलने का लक्ष्य रखा गया है.
- आज कुल 45 कैंटीनों की शुरुआत हो चुकी है.
- बाकी बची 55 कैंटीन अगले 20 दिनों के भीतर पूरी तरह चालू हो जाएंगी.
- मात्र 5 रुपये में पेट भर पौष्टिक खाना. यह सुविधा दोपहर और शाम, दोनों वक्त उपलब्ध रहेगी.
खास बात यह है कि इन कैंटीनों में सिर्फ सस्ता खाना ही नहीं मिल रहा, बल्कि साफ-सफाई और हाइजीन का भी पूरा ध्यान रखा गया है. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से कोशिश की जा रही है कि लाइन में लगने वाले किसी भी शख्स को असुविधा न हो.
“जो कहा, वो किया” – सरकार का दावा
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों और अटल जी के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “हमने चुनाव में जो वादा किया था, उसे निभाकर दिखा दिया. हम सिर्फ बातें नहीं करते, काम करके दिखाते हैं.” वहीं केंद्रीय मंत्री खट्टर ने ‘डूसीब’ (DUSIB) के अधिकारियों और दिल्ली सरकार को इस शुरुआत के लिए बधाई दी.
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो में भी सफर किया. उन्होंने याद दिलाया कि आज दिल्ली की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो अटल बिहारी वाजपेयी की ही देन है. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो के तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी देने के लिए शुक्रिया अदा किया और वादा किया कि दिल्ली सरकार इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं होने देगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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