Aurangabad school van accident
Aurangabad school van accident: बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग पर तामसी मोड़ के पास बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट गहरी नहर में जा गिरी. हादसे में 15 बच्चे घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई.
हादसे में 15 बच्चे घायल, 3 की हालत गंभीर
स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. उन्होंने नहर में गिरी वैन से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और सभी घायलों को इलाज के लिए कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल आरबी प्रताप, हर्ष कुमार और मौली कुमारी को बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया.घायलों में मीरपुर निवासी अमित पासवान की पुत्री साक्षी कुमारी (11), कुटुंब बाजार निवासी गोपाल शरण की पुत्री साक्षी कुमारी (12), गौतम कुमार के पुत्र आदित्य राज (12), सिकरिया निवासी आरबी प्रताप (5), कुटुंबा निवासी ओमप्रकाश मालाकार की पुत्री अमी कुमारी (12), प्रदीप कुमार के पुत्र लकी राज सैनिक (12), मीरपुर निवासी कुमार सुगंध आर्यन (8), उसकी बहन सृष्टि कुमारी (5), हर्ष कुमार (12), महुआ धाम निवासी आयुष कुमार (10), अक्षय कुमार (7), मिर्जापुर निवासी वैभव गौरव (6), मौली कुमारी (7), आबिद राजा (13) और अमित कुमार (7) शामिल हैं.
नहर में गिरी स्कूल वैन
जानकारी के अनुसार, अंबा स्थित संत जेवियर हाई स्कूल की मैजिक वैन रोज की तरह कुटुंबा, लखना, महुआ धाम और मीरपुर गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. तामसी मोड़ के समीप चालक का वाहन से नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिससे वैन सीधे नहर में जा पलटी. हादसे के बाद चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बच्चों के अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है. हादसे के बाद अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली. उनका आरोप है कि बच्चों के परिवहन के लिए पुराने और जर्जर वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही एक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है.
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अभिभावकों का स्कूल प्रबंधन पर फूटा गुस्सा
अभिभावकों का कहना है कि इससे पहले भी स्कूल वाहनों से जुड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल प्रबंधन और फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही निजी स्कूलों के वाहनों की नियमित जांच और क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है.प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
भारत एक्सप्रेस
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