5 days Bank Strike News: यदि आपको इस महीने यानी सितंबर के आखिरी हफ्ते में बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम (जैसे चेक डिपॉजिट, लोन प्रोसेसिंग या कैश विड्रॉल) निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए… दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 सितंबर 2026 से 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आधिकारिक ऐलान कर दिया है.
इसके तुरंत बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण देश भर के सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक लगातार 5 दिनों तक पूरी तरह ठप रहेंगे. हाफ ईयरली क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) के ठीक पहले होने वाली इस हड़ताल से आम ग्राहकों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के करोड़ों के लेनदेन अटकने की पूरी आशंका जताई जा रही है.
28 सितंबर से 5 दिन का ‘ब्लैकआउट’?(5 days Bank Strike 2026)
बता दें कि बैंक यूनियनों के इस ऐलान के बाद बैंकिंग सिस्टम में 5 दिनों का महा-संकट खड़ा होने वाला है:
28, 29 और 30 सितंबर: बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल.
1 और 2 अक्टूबर: शनिवार और रविवार (साप्ताहिक छुट्टी व राष्ट्रीय अवकाश).
वहीं इससे पहले 11 सितंबर को भी बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल की थी. बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 सितंबर की हड़ताल के बाद भी सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने उनकी मांगों का हल नहीं निकाला, तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिससे पूरा बैंकिंग ढांचा चरमरा सकता है.
क्यों भड़के हैं बैंककर्मी?
बैंक यूनियनों और लाखों कर्मचारियों की मुख्य मांग हफ्ते में 5 दिन काम (5-Day Work Week) और 2 दिन साप्ताहिक छुट्टी (Week-off) लागू करना है. इसके अलावा, यूनियनें सीनियर अफसरों के लिए लाई गई नई ‘परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) स्कीम का भी पुरजोर विरोध कर रही हैं. यूनियनों का आरोप है कि यह नया फॉर्मूला बेहद पक्षपातपूर्ण है, जो बैंक के केवल 5 प्रतिशत शीर्ष अफसरों को फायदा पहुंचाता है, जबकि 95 प्रतिशत जमीनी कर्मचारियों और क्लर्क-कैडर के साथ सीधा भेदभाव किया जा रहा है.
हाफ ईयरली क्लोजिंग पर मंडराया संकट
सितंबर का आखिरी हफ्ता बैंकों के वित्तीय वर्ष की ‘हाफ ईयरली क्लोजिंग’ (अर्धवार्षिक क्लोजिंग) का समय होता है. ऐसे संवेदनशील समय पर हड़ताल से सरकार और वित्त मंत्रालय में हड़कंप मच गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव ने सोमवार को सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों (CEOs & MDs) की इमरजेंसी मीटिंग तलब की है. सरकार का प्रयास है कि हड़ताल के दौरान एटीएम (ATM) में कैश की किल्लत न हो और जरूरी लेनदेन को किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था से जारी रखा जा सके.
जानिए कौन-कौन से काम होंगे ठप
28 सितंबर से 5 दिनों की इस तालाबंदी के दौरान बैंक ब्रांच जाकर कराए जाने वाले सभी भौतिक (Physical) काम पूरी तरह प्रभावित रहेंगे:
चेक क्लियरेंस ठप: किसी भी प्रकार के चेक की प्रोसेसिंग नहीं होगी और पेमेंट अटक जाएगा.
कैश काउंटर बंद: बैंक शाखाओं से नकद जमा (Cash Deposit) और निकासी नहीं हो सकेगी.
ड्राफ्ट व पासबुक प्रिंटिंग: बैंक ड्राफ्ट (DD) बनवाना, पासबुक अपडेट कराना और नया खाता खुलवाना बंद रहेगा.
लोन व डॉक्यूमेंटेशन: लोन अप्रूवल, फाइल प्रोसेसिंग और प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंटेशन का काम पूरी तरह रुक जाएगा.
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डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल (5 days Bank Strike 2026) के बीच आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी. 5 दिनों के इस बैंक ब्लैकआउट के दौरान आप UPI (गूगल पे, फोनपे, पेटीएम), नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM के जरिए पैसों का लेनदेन आसानी से कर सकते हैं. हालांकि, सलाह यही दी जा रही है कि कैश की भारी किल्लत से बचने के लिए समय रहते एटीएम से पैसे निकाल लें और बैंक से जुड़े बड़े कागजी काम 27 सितंबर से पहले ही निपटा लें.
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