मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ उतरे बरेली के व्यापारी, रासुका लगाने की मांग, बोले-मुआवजा भी वसूला जाए

कारोबारियों ने कहा कि, मौलाना तौकीर राजा खान द्वारा आयोजित कार्यक्रम से लौट रहे लोगों ने बाजार में उपद्रव किया दुकान लूटने का भी प्रयास किया. इससे कारोबारी दहशत में है.

फोटो-सोशल मीडिया

Bareilly Violence: शुक्रवार को जेल भरो की धमकी देने के साथ ही अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग उठी है. उनके ऊपर बरेली के व्यापारियों और उद्यमियों ने आरोप लगाया है कि, मौलाना तौकीर के गिरफ्तारी देने का ऐलान करने के बाद शुक्रवार दोपहर से बरेली में सांप्रदायिक माहौल प्रभावित हो गया है. इससे उद्योग व्यापार और छोटे-मोटे कारोबारी दहशत में आ गए हैं. व्यापारियों ने कहा कि, इससे पहले भी तौकीर रजा के कार्यक्रमों के बाद दंगे भड़क चुके हैं. अक्सर ही वह इस तरह की हरकतें करते हैं, जिससे यहां का कारोबार प्रभावित होता है.

मालूम हो कि शुक्रवार को श्यामगंज बाजार में पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया था और कारोबारियों को अचानक दुकानें बंद करनी पड़ी थी. इसी के बाद से अब व्यापारी और उनके संगठन मौलाना तौकीर रजा से नाराज हैं और सरकार के उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है. साथ ही कहा है कि, उनके ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया जाए.

व्यापारी बोले- दुकान लूटने की कोशिश की

इस सम्बंध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने शनिवार दोपहर श्यामगंज बाजार स्थित कार्यालय में बड़ी सभा का आयोजन किया और सभी ने कहा कि, मौलाना तौकीर राजा खान द्वारा आयोजित कार्यक्रम से लौट रहे लोगों ने बाजार में उपद्रव किया दुकान लूटने का भी प्रयास किया. इससे कारोबारी दहशत में है. व्यापारियों ने कहा कि, इससे पहले भी बरेली में दंगे हो चुके हैं, जिससे काफी कारोबार प्रभावित हुआ. ऐसी घटनाओं से उद्योग धंधे चौपट हो जाते हैं, इसलिए इनके प्रमुख कर्ताधर्ताओं पर कार्रवाई अब जरूरी हो गई है.

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नुकसान की भरपाई मौलाना से की जाए

इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मांग की है कि, 9 फरवरी को मौलाना तौकीर रजा खान की वजह से हिंसा भड़की थी, जिसकी वजह से फोर्स लगानी पड़ी और सरकारी धन का नुकसान हुआ. बाजार भी बंद करने पड़े. इन सबको लेकर मौलाना तौकीर रजा से ही मुआवजा वसूला जाए और उपद्रव को बढ़ावा देने वाले मौलाना की सुरक्षा को वापस लिया जाए.

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

व्यापारियों ने कहा कि, 2010 में हुए दंगों के कारण कारोबार 10 वर्ष पीछे चला गया था. कई बड़ी कंपनियों ने अपने डिपो बंद कर दिए थे और तमाम उद्योग बंद हो गए थे तो कारोबारियों ने अपना व्यापार कहीं और स्थापित कर लिया था. प्रेस वार्ता करते हुए व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, अगर जल्द से जल्द मौलाना के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन होगा.

इसी के साथ ही बरेली के विभिन्न व्यापारी संगठनों ने जिला प्रशासन को शुक्रवार को हुई घटना पर चिंता जताते हुए ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. कारोबारियों ने कहा कि, कुछ लोग राजनीति करना चाहते हैं, ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.

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