दिल्ली में कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन ने अब अपनी कहानी सबके सामने रखी है. उन्होंने बताया कि विरोध जताने के बाद उनके साथ क्या-क्या हुआ. बरखा इस दौरान भावुक होकर रो पड़ीं और कहा कि उन्हें बुरी तरह से मुझे प्रताड़ित किया गया.
शांतिपूर्ण विरोध से कोई समस्या नहीं
बरखा ने साफ कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई जुड़ाव नहीं है. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जो कार्यक्रम चल रहा है उसमें असली मुद्दा NEET नहीं बल्कि राजनीतिक एजेंडा है.
भगवान राम का मजाक बना कारण
बरखा ने बताया कि अभिजीत और उसके साथी मंच पर भगवान श्रीराम और माता सीता का मजाक उड़ा रहे थे. यही वजह रही कि उन्होंने गुस्से में आकर अभिजीत पर स्याही फेंकी. उनका कहना है कि वे देवी-देवताओं का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करतीं, चाहे वह माता दुर्गा हों, माता काली हों या भगवान राम.
गुंडों ने किया हमला
स्याही फेंकने के बाद बरखा पर अभिजीत के समर्थकों ने हमला कर दिया. उन्होंने बरखा को पीटा, बाल खींचे और खरोंच तक दिए. बरखा ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस मौके पर न होती तो उनकी जान तक जा सकती थी.
पुलिस का शुक्रिया
बरखा ने पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. बरखा का कहना है कि उन्होंने कोई हिंसा नहीं की थी, सिर्फ विरोध जताया था. इसके बावजूद उन्हें इतनी मारपीट का सामना करना पड़ा.
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सोनम वांगचुक का नाम भी लिया
बरखा ने आरोप लगाया कि अभिजीत और उसके साथी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे पहले अन्ना हजारे का इस्तेमाल किया गया था. बरखा का कहना है कि वे वांगचुक को यही बताने गई थीं कि उनका नाम राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल हो रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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