Basava Jayanti 2026 PM Modi Message: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बसव जयंती के पावन अवसर पर 12वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक और दार्शनिक जगद्गुरु बसवेश्वर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री ने बसवेश्वर की शिक्षाओं को आधुनिक भारत के निर्माण के लिए एक मार्गदर्शक स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के लिए बसवेश्वर द्वारा किए गए प्रयास आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हैं.
‘कार्य ही कैलाश है’: श्रम की गरिमा पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जगद्गुरु बसवेश्वर के प्रसिद्ध उपदेश “कायक वे कैलास” (कार्य ही कैलास है) को याद किया. उन्होंने बताया कि बसवेश्वर ने सिखाया कि ईमानदारी और निष्ठा से किया गया कोई भी कार्य ईश्वर की साक्षात पूजा के समान है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह शिक्षा आज के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है, जहाँ हर व्यक्ति का श्रम राष्ट्र की उन्नति में योगदान देता है.\
ಬಸವ ಜಯಂತಿಯ ವಿಶೇಷ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ, ಜಗದ್ಗುರು ಬಸವೇಶ್ವರರಿಗೆ ಮತ್ತು ಅವರ ಶಾಶ್ವತ ಬೋಧನೆಗಳಿಗೆ ಭಕ್ತಿಪೂರ್ವಕ ನಮನಗಳು. ನ್ಯಾಯಸಮ್ಮತ ಸಮಾಜದ ಅವರ ದೂರದೃಷ್ಟಿ ಮತ್ತು ಜನರನ್ನು ಸಬಲೀಕರಣಗೊಳಿಸಲು ಅವರು ಮಾಡಿದ ಅಚಲ ಪ್ರಯತ್ನಗಳು ನಮಗೆ ಸದಾ ಪ್ರೇರಣೆಯಾಗಿರುತ್ತವೆ. pic.twitter.com/pWUMaPhk0o
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2026
सामाजिक समानता और समरसता का विजन
पीएम मोदी ने बसवेश्वर द्वारा जाति-आधारित भेदभाव के विरोध और स्त्री-पुरुष समानता के लिए किए गए संघर्ष को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री के अनुसार, बसवेश्वर एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहाँ जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि कर्म के आधार पर सम्मान मिले. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की उनकी दूरदृष्टि ही आज की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का आधार है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का प्रयास करती हैं.
वीडियो संदेश के जरिए साझा कीं यादें
इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक भावुक वीडियो संदेश भी साझा किया. इस वीडियो में जगद्गुरु बसवेश्वर की प्रतिमाओं, उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक चित्रों और सामाजिक समरसता पर आधारित प्रभावशाली दृश्यों को दिखाया गया है. वीडियो में पीएम मोदी द्वारा बसवेश्वर के स्मारक पर पुष्प अर्पित करते हुए उन ऐतिहासिक पलों को भी शामिल किया गया है, जो उनकी शिक्षाओं के प्रति प्रधानमंत्री की गहरी आस्था को दर्शाते हैं.
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समावेशी भारत के निर्माण का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि जगद्गुरु बसवेश्वर के सिद्धांत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे एक समृद्ध और करुणामय भारत के निर्माण के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं. उन्होंने देशवासियों से उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया. पीएम ने विश्वास जताया कि यदि हम बसवेश्वर की शिक्षाओं पर अडिग रहते हैं, तो हम मिलकर एक ऐसा भारत बना सकते हैं जहाँ न्याय, समानता और भाईचारा सर्वोपरि हो.
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