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भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर, रमेश बैस होंगे महाराष्ट्र के नए राज्यपाल, जानिए कहां कौन होगा गवर्नर?

असम का राज्यपाल बनाए जाने पर गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पार्टी ने मुझे जब भी जो ज़िम्मेदारी दी है मैंने उसे मेहनत और क्षमता के साथ किया है.

Bhagat Singh Koshyari

महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी

Edited by Nitish Pandey

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. रमेश बैस महाराष्ट्र के नए राज्यपाल बनाए गए हैं. 75 साल के बैस जो त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं, की नियुक्ति महाराष्ट्र में पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी.

रविवार सुबह एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत के राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भगत सिंह कोश्यारी और लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में राधा कृष्णन माथुर के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया.

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस अब्दुल नज़ीर को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया. आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया. छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया गया. मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया. बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया. हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया.

लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम का राज्यपाल, सीपी राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल, गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल और शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.

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असम का राज्यपाल बनाए जाने पर गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पार्टी ने मुझे जब भी जो ज़िम्मेदारी दी है मैंने उसे मेहनत और क्षमता के साथ किया है. मुझे पार्टी ने 11 बार टिकट देकर चुनाव लड़ने का मौका दिया. मुझे इस लायक समझा गया है तो मैं बिल्कुल उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा. उन्होंने कहा कि अपने पद को मांगने के लिए मैं कभी किसी के पास नहीं गया उन्होंने खुद मुझे वह दिया. जब मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था तब भी मुझे इसकी जानकारी नहीं थी. हमारी पार्टी एक कार्यकर्ताओं की पार्टी है और एक कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा.

-भारत एक्सप्रेस



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