पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब के नशे में पहुंचने का आरोप लगा है. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सीएम मान लोकतंत्र के मंदिर में नशे की हालत में आए. उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें यह दावा किया गया है.
स्वाति मालीवाल ने बताया कि चुनाव से पहले भगवंत मान ने अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर शराब न पीने का वादा किया था. लेकिन अब वे बार-बार नशे में दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि मान गुरुद्वारा, मंदिर और लोकसभा में भी शराब पीकर जाते रहे हैं. एक बार विदेश यात्रा के दौरान इतना नशा था कि उन्हें प्लेन से उतार दिया गया.
आज फिर से पंजाब CM भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में चूर होकर पहुँचे हैं।
ये आदमी गुरुद्वारा साहिब शराब पीकर जाता है, मंदिर शराब पीकर जाता है, लोकसभा शराब पीकर आता था, सरकार की मीटिंग में शराब पीकर जाता है, विदेश में इतनी शराब पीली की प्लेन से उतार… pic.twitter.com/M5VngsZ1sV
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) May 1, 2026
मालीवाल ने पूछा कि पंजाब जैसे संवेदनशील बॉर्डर राज्य का मुख्यमंत्री अगर हर समय नशे में रहता है तो फाइलें कैसे साइन करता है? उन्होंने मांग की कि भगवंत मान का अल्कोहल टेस्ट कराया जाए. अगर दोषी पाए गए तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शराब से सिर्फ सोते समय दूर रहता हो, वह पंजाब को कैसे संभाल सकता है.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह आरोप लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. विपक्षी दल इस मुद्दे को उठा रहे हैं. पंजाब की जनता भी इस मामले पर अपनी राय रख रही है. कुछ लोग इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं तो कुछ इसे गंभीर मुद्दा मानते हैं. मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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