Punjab Haryana Water Dispute: पंजाब में भाखड़ा डैम से जल वितरण के मुद्दे ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है. आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार ने सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है, जबकि शुक्रवार सुबह 10 बजे सभी दलों की सर्वदलीय बैठक भी तय की गई है.
पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा है कि पानी पर सभी पार्टियों को अपना स्टैंड साफ करना होगा. उन्होंने कांग्रेस के नेता रवनीत बिट्टू और भाजपा नेता सुनील जाखड़ को घेरते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में पंजाब के हितैषी हैं तो अपनी-अपनी पार्टियों से इस्तीफा दें.
हरियाणा की पानी की मांग को लेकर पंजाब सरकार का विरोध
AAP नेता अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि हरियाणा अब 8400 क्यूसिक पानी की मांग कर रहा है, जबकि आबादी के अनुसार पहले से ही पानी दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए कभी हरियाणा को मना नहीं किया गया, लेकिन पंजाब की जनता को प्यासा रखकर अतिरिक्त पानी देना संभव नहीं है. पंजाब सरकार हर स्तर पर अपने हक के पानी के लिए संघर्ष करेगी.
राजनीति नहीं होनी चाहिए पानी पर- हरियाणा सीएम नायब सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवनदायिनी पीने के पानी से जुड़ा सवाल है. पंचकूला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “पंजाब तो गुरुओं की भूमि है. भगवंत मान को गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए और इंसानियत के आधार पर पानी को रोकना नहीं चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब अगर प्यासा रहे, तो हम अपने हिस्से का पानी भी उसे देंगे, लेकिन छोटे भाई हरियाणा को पानी रोकना किसी भी लिहाज़ से उचित नहीं है.
दिल्ली में AAP की हार की बौखलाहट अब दिख रही है: सैनी
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि दिल्ली की सत्ता से बाहर होने के बाद AAP अब पंजाब में अपनी साख बचाने के लिए जल विवाद को राजनीतिक हथियार बना रही है. उन्होंने कहा कि यह केवल पीने के पानी का मामला है, सिंचाई का नहीं, और इस पर कोई भी राज्य राजनीति न करे तो बेहतर होगा.
उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में कभी भी पीने के पानी पर कोई विवाद नहीं हुआ और अब चुनावी मौसम को देखते हुए इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की राजनीति अब पानी को भी मुद्दा बना रही है.
अधिकारी हेडक्वार्टर न छोड़ें, पानी की सप्लाई सुनिश्चित करें- गंगवा
हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने भी जल संकट को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ में विभागीय बैठक की. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों के एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई अपने-अपने हेडक्वार्टर पर तैनात रहें और जल आपूर्ति किसी भी हालत में बाधित न हो.
उन्होंने कहा कि हिसार, सिरसा, महेंद्रगढ़, नारनौल और फतेहाबाद में जल संकट गहराया है, लेकिन समाधान के प्रयास तेज़ी से चल रहे हैं. जहां कमी है, वहां आसपास की नहरों से पानी लिफ्ट करके सप्लाई दी जा रही है.
ट्यूबवेल, टैंकर और जागरूकता से हालात सुधारने की कोशिश
रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में 11,567 ट्यूबवेल हैं, जो पेयजल आपूर्ति में मदद कर रहे हैं. इसके अलावा नहरों से पानी लिफ्ट करके टैंकरों के माध्यम से टंकियों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायतों के माध्यम से जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए.
उन्होंने बताया कि पिछले तीन सप्ताह में हरियाणा को सिर्फ 4,000 क्यूसेक पानी मिला, जिसमें से 1,000 क्यूसेक दिल्ली और 400 क्यूसेक पंजाब को भेजा गया.
‘हम पंजाब का हक नहीं छीनना चाहते, हम अपना हक मांग रहे हैं’
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हम पंजाब का हक नहीं छीनना चाहते, लेकिन हरियाणा को उसका हिस्सा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा, “पानी कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. हम अपने अधिकार की बात कर रहे हैं, न कि किसी से दया मांग रहे हैं.”
उन्होंने पंजाब सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अब पीने के पानी पर भी राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने मान सरकार को चेताया कि राज्य के लोगों को पानी की जरूरत है, राजनीति की नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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