राजस्थान के भिवाड़ी स्थित पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में आज (सोमवार) को उस वक्त माहौल गरमा गया जब सुप्राजीत इंजीनियरिंग लिमिटेड के सैकड़ों कर्मचारी अचानक काम छोड़कर कंपनी के गेट पर जमा हो गए. मामला सीधा-सीधा पेट की लड़ाई यानी ‘वेतन वृद्धि’ से जुड़ा था.
कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है, जिसके चलते उनका गुस्सा फूट पड़ा.
प्रदर्शन इतना उग्र था कि देखते ही देखते कर्मचारियों ने कंपनी के मुख्य द्वार के सामने वाली सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया. गुस्साए कर्मचारी कंपनी मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे. इस चक्काजाम की वजह से औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात पूरी तरह ठप रहा. ड्यूटी पर जा रहे अन्य लोग और सामान लेकर आ रहे ट्रक बीच रास्ते में ही फंस गए.
मैदान में उतरी चार थानों की पुलिस
जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को इस हंगामे की खबर मिली, प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसी एक थाने नहीं, बल्कि चोपानकी, भिवाड़ी, टपूकड़ा और खुशखेड़ा कुल चार थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर रवाना किया गया है.
मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी अतुल साहू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला. शुरुआत में तो पुलिस ने कर्मचारियों को प्यार से समझाने की कोशिश की और उन्हें सड़क से हटने को कहा, लेकिन जब भीड़ टस से मस नहीं हुई, तो पुलिस को ‘हल्का बल प्रयोग’ (लाठीचार्ज जैसी स्थिति) करना पड़ा. इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों को सड़क से खदेड़ा जा सका और ट्रैफिक दोबारा शुरू हुआ.
अब कैसी है स्थिति?
पुलिस के हस्तक्षेप और कंपनी प्रबंधन के अनुरोध के बाद फिलहाल मामला शांत है. एडिशनल एसपी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और शांति बनाए रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है.
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-भारत एक्सप्रेस
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