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Varanasi: बीएचयू की छात्रा ने नए बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पूर्व बॉयफ्रेंड की ली जान, फिल्मी स्टाइल में ट्रक में फेंका मोबाइल और हथियार, पुलिस को किया गुमराह

पहले दोनों लिव इन में रहते थे, लेकिन बाद में गर्लफ्रेंड को कोई और पसंद आ गया. इसके बाद पहले वाले को रास्ते से हटाने के लिए पूरा खेल खेला.

पुलिस के साथ आरोपी

सौरभ अग्रवाल

Varanasi: वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही एक छात्रा ने अपने नए बॉयफ्रेंड के साथ अपने पुराने बॉयफ्रेंड की फिल्मी स्टाइल में जान लेने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन वाराणसी पुलिस ने इस मामले की गहराई से छानबीन की तो इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया.

फर्रुखाबाद के युवक देवांश यादव के अपहरण और हत्या का भेलूपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. भेलूपुर पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने में बीएचयू की एक छात्रा, उसके नये बॉयफ्रेंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. वाराणसी के डीसीपी काशी जोन रामसेवक गौतम ने बताया कि देवांश की हत्या 26 मई को ही बीएचयू में पढ़ने वाली अनुष्का, उसके नए ब्वायफ्रेंड और एक साथी ने मिलकर की थी. देवांश 25 मई को बीएचयू में पढ़ने वाली अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का तिवारी से मिलने वाराणसी आया था. 26 मई को होटल से निकलने के बाद देवांश वापस नहीं लौटा जिस पर देवांश के परिजनों ने गुमशुदगी का मुकदमा 29 मई को दर्ज कराया थाय इसके बाद भेलूपुर पुलिस ने जांच शुरू की थी.

लिव इन में रहे थे देवांश और अनुष्का, लव ट्रैंगल ने ले ली जान

वाराणसी पुलिस की मानें तो फर्रुखाबाद का देवांश और बीएचयू की छात्रा व कानपुर की मूल निवासी अनुष्का तिवारी पहले से एक दूसरे को जानते थे. कक्षा 6 से लेकर कक्षा 9 तक दोनों साथ में पढ़े थे. इन दोनों के बीच लंबे समय तक प्रेम संबंध था. देवांश और अनुष्का लिव इन रिलेशन में साथ भी रहे. बीएचयू में पढ़ाई करने आने के बाद अनुष्का तिवारी ने देवांश को छोड़ जौनपुर निवासी राहुल सेठ से नजदीकियां बढ़ा ली और राहुल सेठ के साथ रहने लगी. देवांश भी लगातार अनुष्का से बात करता रहा. उसे अनुष्का की राहुल से नजदीकियां अच्छी नहीं लगती थी. वहीं अनुष्का तिवारी किसी तरह से देवांश से छुटकारा चाहती थी. इसी नीयत से अनुष्का ने देवांश को बनारस मिलने बुलाया.

जूस में नींद की दवा मिलाकर किया बेहोश

पुलिस ने बताया कि 25 मई को देवांश अनुष्का से मिलने बनारस पहुंचा और अस्सी घाट के पास होटल में रुका. 26 मई को अनुष्का ने देवांश को मिलने बुलाया. कार में उसे बैठाकर घूमने के लिए साथ ले गई. कार में ही अनुष्का ने जूस में नींद की दवा मिलाकर देवांश को पिला दिया. कार राहुल सेठ का ड्राइवर शादाब आलम चला रहा था. राहुल सेठ खुद स्कूटी से कार के पीछे- पीछे आ रहा था.

पेचकश से किया वार

बेहोश देवांश को लेकर अनुष्का, शादाब और राहुल सेठ तीनों मुगलसराय की तरफ एक सुनसान इलाके में पहुंचे. उस समय तक देवांश को होश आने लगा था. सुनसान इलाके में ही एक कंस्ट्रक्शन साइट पर कुछ गिट्टी का ढेर पड़ा हुआ था. वहीं, इन तीनों ने देवांश को कार से नीचे फेंका. जब तीनों ने देखा कि देवांश को होश आ रहा है तो पेचकश से उसके गले पर कई वार कर दिए. इसके बाद भी देवांश की मौत नहीं हुई तो गोली मारकर हत्या कर दी.

परफेक्ट क्राइम दिखाने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश

राहुल सेठ, अनुष्का और शादाब ने सबूत मिटाने के लिए एक फिल्म की तर्ज पर देवांश का मोबाइल और मर्डर वेपन बिहार की तरफ जा रही ट्रक पर फेंक दिया. उन्होंने सोचा कि उसकी लोकेशन या कत्ल में इस्तेमाल हथियार पुलिस को नहीं मिलेंगे. राहुल सेठ ने हत्या को अंजाम दिया और मोबाइल को दूसरे राज्य में जाने वाली ट्रक में फेंक दिया गया था.

देवांश के मां-बाप पहले ही अनुष्का पर लगा रहे थे आरोप

देवांश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से ही उसके मां- बाप अनुष्का पर देवांश को गायब करने का आरोप लगा रहे थे. पहले तो पुलिस इसे प्यार और तकरार का मामला मानकर जांच कर रही थी, लेकिन छानबीन के दौरान अनुष्का के कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन से पुलिस को लीड मिलती गई. इसके बाद पुलिस ने अनुष्का, उसके नए बॉयफ्रेंड राहुल और शादाब को पकड़कर घटना का पटाक्षेप कर दिया.

भारत एक्सप्रेस

 



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