बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एएनआई पॉडकास्ट में राज्य के भविष्य को लेकर बड़े और आशावादी बयान दिए. उन्होंने साफ कहा कि 2030 से पहले बिहार से पलायन लगभग बंद हो जाएगा. राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थान, बच्चों की शिक्षा से लेकर नौकरियां तक सब बेहतर होंगे और बिहार आर्थिक रूप से और समृद्ध बनेगा.
यह बयान बिहार के लाखों युवाओं और परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश है, जो रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में राज्य छोड़ने को मजबूर होते हैं. सरकार के कामकाज और दृष्टि को लेकर सकारात्मक बातें सामने आईं.
सवाल: बिहार से पलायन कब रुकेगा और राज्य कब विकसित दिखेगा?
जवाब: ‘जस्ट बिफोर 2030, आप देखेंगे कि बिहार से पलायन रुक जाएगा. हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थान और बच्चों की शिक्षा से लेकर नौकरियां तक सब बिहार में बेहतर होंगे. बिहार आर्थिक रूप से और ज्यादा समृद्ध होगा.’
सवाल: नेपाल से आने वाली बाढ़ और कोसी-गंडक जैसी नदियों के मुद्दे पर सरकार क्या कर रही है?
जवाब: ‘सबसे पहले हमने नदी किनारे बसे लोगों को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों की मदद से बाहर निकाला. उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया. हर साल नेपाल से आपदाओं का सामना करना पड़ता है. हम कोसी और गंडक के पूरे इकोसिस्टम को रिपेयर करने की कोशिश भी कर रहे हैं.’
सवाल: फरक्का बराज संधि और पानी के अधिकार को लेकर बिहार की स्थिति क्या है?
जवाब: ‘अगर बिहार के लोगों को पीने के लिए पानी चाहिए, खेती के लिए पानी चाहिए और उद्योगों को सपोर्ट करना है, तो हमें किसी भी समय लेने का अधिकार है. हम पड़ोसी देश को पानी जरूर देंगे, कोई समस्या नहीं. लेकिन हमने राज्य के हितों की रक्षा पर जोर दिया है. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी अनुरोध किया है कि हमारे हित सुरक्षित रहें.’
सवाल: शराबबंदी पर सरकार का रुख क्या रहेगा? राजस्व का नुकसान तो हो रहा है
जवाब: ‘नितीश कुमार ने अपने जीवन का एक ऐतिहासिक फैसला लिया था शराबबंदी का. हालांकि हमें लगभग 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह फैसला बिहार की महिलाओं के समर्थन में था. बिहार की आधी आबादी शराबबंदी का समर्थन करती है और यह जारी रहेगा.’
सवाल: पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार के साथ आपके संबंध कैसे हैं?
जवाब: ‘मैं पिछले 30 साल से उनके साथ काम कर रहा हूं. जब वे लालू यादव के साथ थे तब भी मेरे व्यक्तिगत मतभेद कभी नहीं रहे. वे मेरे अभिभावक जैसे हैं, पिता जैसे हैं. मुख्यमंत्री चुनने का फैसला भाजपा का आंतरिक फैसला है.’
सवाल: बांकीपुर सीट जैसे नतीजों पर पार्टी का क्या रुख है?
जवाब: ‘यह भाजपा के लिए चिंता की बात है कि कोई और बांकीपुर सीट जीत गया. पार्टी इस पर काम करेगी.’
सीएम सम्राट चौधरी के इन बयानों से साफ है कि सरकार बिहार को पलायन-मुक्त, समृद्ध और महिलाओं के हितों की रक्षा करने वाला राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है. बाढ़ प्रबंधन, पानी के अधिकार, शिक्षा-रोजगार और सामाजिक सुधार, ये सभी मुद्दे प्राथमिकता में हैं. बिहार के लोगों के लिए यह आशा की किरण है कि आने वाले वर्षों में राज्य अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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