Delhi PG Survey: साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गया है. दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बाद MCD ने राजधानी में चल रहे पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टलों और मकानों का बड़े पैमाने पर स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू कर दिया है.
शुरुआती सर्वे रिपोर्ट से छात्रों और अभिभावकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि जांचे गए 1,118 PG में से कोई भी इमारत फिलहाल ‘बेहद खतरनाक’ श्रेणी में नहीं पाई गई है.
35 इमारतों में मरम्मत की जरूरत
MCD के अंतरिम आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के सभी 12 जोनों में एक साथ यह चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. जांचे गए 1,118 PG में से 1,080 पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं. हालांकि, 29 इमारतों में मामूली मरम्मत और 6 ऐसी मिली हैं जहां बड़े पैमाने पर रिपेयरिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं.
बता दें कि इन PG हॉस्टलों में करीब 20,000 से अधिक छात्र और कामकाजी लोग रह रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह अभी शुरुआती आंकड़ा है और पूरे शहर में यह सर्वे लगातार जारी रहेगा.
हाईकोर्ट का कड़ा रुख
सत्य निकेतन में एक जर्जर इमारत गिरने से हुए हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था. कोर्ट ने MCD और दिल्ली सरकार को अधिकृत और अनधिकृत सभी तरह के PG हॉस्टलों का सर्वे कर सुरक्षा रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था.
इसी कड़ी में MCD की टीमें इमारतों की मजबूती, कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा मानकों की जमीनी जांच कर रही हैं.
सर्वे में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
सर्वे के दौरान MCD की टीम ईस्ट दिल्ली के विश्वास नगर इलाके में भी पहुंची. कुंती मार्ग पर स्थित एक चार मंजिला PG में चेकिंग के दौरान पाया गया कि वहां लिफ्ट के बगल में बनी सीढ़ियां बेहद संकरी थीं, उनकी चौड़ाई महज डेढ़ फीट के आसपास थी.
आपात स्थिति में ऐसी संकरी सीढ़ियां किसी बड़े खतरे की वजह बन सकती हैं. हालांकि, वहां रह रहे छात्रों का कहना है कि उन्हें फिलहाल कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई है. MCD अधिकारियों ने ऐसे सभी पॉइंट्स का डेटा जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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