कांग्रेस की सेनेटरी पैड योजना
Bihar Assembly Elections 2025: साल के अंत में यानी अक्टूबर-नवंबर के आसपास बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ लेकिन सियासी दल अपने दांव चलने लगे हैं. कांग्रेस ने 2500 के वादे के बाद बिहार में नई चाल चली है. पार्टी ने फैसला लिया है कि वो राज्य में महिलाओं को सेनेटरी पैड बांटेगी. कांग्रेस का ये फैसला सामने आने के साथ ही सियासी गलियों से लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं. उसकी सबसे बड़ी विरोधी भाजपा ने इस फैसले पर राहुल गांधी और समूची कांग्रेस को निशाने पर लिया है.
सियासी जानकारों के अनुसार कांग्रेस बिहार में धाक जमाने के लिए अभी से तैयारी कर रही है. भले ही गठबंधन की बैठक अभी नहीं हुई हैं लेकिन भीतर खाने पार्टी प्रदेश में 90 सीटों के लिए दावा कर रही है. साल 2020 में पार्टी ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था इसमें से वह महज 19 सीटें ही जीत पाई थी. अब 2025 के चुनाव (Bihar Elections 2025) में राहुल गांधी अपनी योजनाओं के जरिए इनमें इजाफा करना चाहते हैं.
क्या है कांग्रेस की सेनेटरी पैड स्कीम
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections)से पहले कांग्रेस ने महिलाओं के लिए एक नई योजना शुरू की है. इसके तहत 5 लाख महिलाओं को सेनेटरी पैड बांटे जाएंगे, जिनके कवर पर राहुल गांधी का फोटो और ‘माई-बहिन मान योजना’ का उल्लेख होगा. बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए विशेष तैयारी कर रही है और घर-घर जाकर 5 लाख महिलाओं को सेनेटरी पैड दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे.
भाजपा ने क्यों किया विरोध?
भाजपा ने कांग्रेस की इस योजना को बिहार की महिलाओं का अपमान बताया है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि यह जानबूझकर की गई घिनौनी हरकत है और बिहार की महिलाएं गरीब हो सकती हैं, लेकिन उनका स्वाभिमान नहीं मरा है. अजय आलोक ने कहा कि सेनेटरी पैड के पैकेट पर राहुल गांधी की तस्वीर छपी होने से यह घिनौनी हरकत और कुछ भी नहीं हो सकती. उन्होंने कांग्रेसी नेताओं से सवाल किया है कि क्या आप इसे अपने घर को महिलाओं को लेजाकर देंगे.
अजय आलोक ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विज्ञापन स्टार बन गए हैं और सेनेटरी पैड का विज्ञापन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बेहूदगी की हद है और कांग्रेस को राजनीति छोड़ देनी चाहिए. कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाने की बात करने वाले लोग इस तरह की योजना का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे बड़ी पप्पू गिरी कहीं नहीं देखी गई है.
कांग्रेस के अपने तर्क
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने बिहार में महिलाओं के लिए एक योजना की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि बिहार में एक सर्वे किया गया जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं कि आज भी महिलाएं और बेटियां माहवारी में कपड़ा इस्तेमाल कर रही हैं और गंभीर बीमारियों का शिकार हो रही हैं. महिला कांग्रेस ने जिम्मेदारी ली है कि वे बिहार की अपनी मां-बहन-बेटियों को जो गरीबी की वजह से सेनेटरी पैड इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, उन्हें फ्री सेनेटरी वेंडिंग मशीन देंगे. यह पैड बिहार की महिलाएं ही तैयार कर रही हैं जिससे उन्हें काम भी मिल रहा है.
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने बताया कि कांग्रेस की इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना है और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है. इससे बिहार की महिलाओं को लाभ होगा और वे स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम होंगी. उन्होंने कहां कि कांग्रेस सरकार में आते ही बिहार की माताओं के लिए माई बहिन मान योजना लेकर आएगी. इसके अंतर्गत महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी. इससे उनके जीवन में आर्थिक तरक्की आएगी.
अक्टूबर नवंबर में होने हैं चुनाव
बता दें बिहार में आखिरी विधानसभा चुनाव 2020 में हुआ था. इन चुनावों में NDA को बहुमत मिला था. नीतीश कुमार इस सरकार के मुखिया बने. हालांकि, 2022 में हालात बदले और नीतीश कुमार ने RJD के साथ गठबंधन कर लिया. ये गठबंधन ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाया और साल 2024 में एक बार फिर से नीतीश कुमार भाजपा के साथ आ गए. इसके बाद से प्रदेश में दोबारा से NDA सरकार चला रही है. अब अगले चुनाव यानी बिहार का 18वां विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने जा रहा है. इसी की तैयारी में सभी सियासी दल जुटे हुए हैं.
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