Bihar News: भागलपुर जिले से एक ऐस मामला सामने आया है जिसने प्रशासन और आम लोगों को चौंका दिया है. यहां 1956 में पाकिस्तान से वीजा पर भारत आई दो बुजुर्ग महिलाओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज पाए गए हैं और उनके वोटर आईडी कार्ड भी बन चुके हैं. इतना ही नहीं SIR सत्यापन में भी उनका नाम सही पाया गया है. अब जिलाधिकारी के आदेश पर उनके नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार इमराना खातून और फिरदौसिया खानम नाम की ये महिलाएं इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर टैंक में रह रही है. गृह मंत्रालय की जांच में पता चला कि दोनों महिलाएं वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रही थीं. फिरदौसिया 1956 में तीन महीने के वीजा पर आई थीं जबकि इमराना तीन साल के वीजा पर भारत आई थीं.
नाम हटाने का निर्देश
मामाल सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने BLO फरजाना खातून को नाम हटाने का निर्देश दिया है. उन्होंने बताया कि विभाग से आदेश मिलने के बाद पासपोर्ट, वीजा और एपिक नंबर के आधार पर सत्यापन किया गया और अब फॉर्म 7 भरकर नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है.
इमराना ने नहीं खोला दरवाजा
वहीं जब पत्रकार इमराना के घर पहुंचे तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला और लोग भी बात करने से बचते नजर आए. फिरदौसिया के बेटे मोहम्मद गुलरेज ने बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज दिए हैं और हर बार वोट भी डाला है.
डीएम ने क्या बताया?
भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि सूचना के आधार पर दो नाम सूची में पाए गए थे. जिनकी जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जा रही है. यह मामला मतदाता पुरनीक्षण (SIR) अभियान के दौरान सामने आया है जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर विदेशी नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट में कैसे जुड़ गया?
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-भारत एक्सप्रेस
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