Virat Ramayan Mandir: भारत की भूमि हमेशा से ही महान संस्कृति और भव्य मंदिरों का केंद्र रही है. इसी कड़ी में बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया-बहुआरा में एक नया इतिहास रचा जा रहा है. यहां दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर ‘विराट रामायण मंदिर’ बनकर तैयार हो रहा है. यह मंदिर अपनी विशालता, अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मंदिर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह आकार और ऊंचाई में कंबोडिया के मशहूर ‘अंकोरवाट मंदिर’ को भी पीछे छोड़ देगा.
अंकोरवाट से भी ऊंचा होगा मंदिर का स्वरूप
कंबोडिया का अंकोरवाट मंदिर 12वीं सदी का है और इसकी ऊंचाई 215 फीट है. लेकिन बिहार में बन रहे विराट रामायण मंदिर की ऊंचाई 270 फीट होगी, जो इसे दुनिया का सबसे ऊंचा और बड़ा मंदिर परिसर बनाती है. इस भव्य मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है. इस पूरे मंदिर परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें कुल 18 शिखर (गुंबद) होंगे. इन गगनचुंबी शिखरों की बनावट लोगों को प्राचीन भारतीय शिल्पकला की याद दिलाएगी.
210 टन वजनी महाकाय शिवलिंग है आकर्षण
इस मंदिर का सबसे बड़ा और अनोखा आकर्षण यहां स्थापित होने वाला विशालकाय शिवलिंग है. सहस्रलिंगम के रूप में तैयार किया गया यह शिवलिंग दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है. इसका कुल वजन 210 टन है, जिसमें मुख्य शिवलिंग का वजन 140 टन और इसके अर्घा (रुद्रपीठ) का वजन 70 टन है. इतने भारी और विशाल शिवलिंग को मंदिर के गर्भगृह में बेहद सावधानी और आधुनिक क्रेन तकनीकों की मदद से स्थापित किया गया है. इसकी विशालता को देखने के लिए अभी से ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.
तमिलनाडु के ग्रेनाइट पत्थरों से हुआ है निर्माण
इस ऐतिहासिक शिवलिंग को तैयार करने के लिए विशेष रूप से तमिलनाडु के महाबलीपुरम से मंगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले काले ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. देश के जाने-माने शिल्पकारों और कारीगरों ने महीनों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तराशकर बेहद खूबसूरत रूप दिया है. ग्रेनाइट पत्थर बेहद मजबूत होते हैं, जिसके कारण यह शिवलिंग हजारों सालों तक पूरी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण रहेगा. इसके साथ ही मुख्य मंदिर परिसर में भगवान राम, माता सीता और अन्य देवी-देवताओं के कुल 22 मंदिर भी बनाए जा रहे हैं.
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यहां 20 हजार लोग एक साथ कर सकेंगे दर्शन
इस विशाल मंदिर को महावीर मंदिर न्यास (पटना) की देखरेख में बनाया जा रहा है. मंदिर की क्षमता इतनी अधिक रखी गई है कि इसके मुख्य हॉल में एक समय में लगभग 20 हजार श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे. यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक पर्यटन का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जिससे बिहार को पूरी दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी. वास्तुकला और इंजीनियरिंग के इस बेजोड़ संगम को देखने के लिए देश-विदेश के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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