Bikaner Monkey Attack
Bikaner Monkey Attack: बीकानेर शहर की प्रतिष्ठित और घनी आबादी वाली व्यास कॉलोनी में आवारा बंदरों और कुत्तों का बढ़ता आतंक अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है. ताजा मामला सेक्टर नंबर 2 स्थित मकान संख्या E-305 का है, जहां एक आक्रामक बंदर अचानक घर के भीतर घुस आया और घर में मौजूद महिला पर हमला कर दिया. इस अप्रत्याशित घटना से पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला घर के नियमित कार्यों में व्यस्त थीं, तभी बंदर अचानक अंदर घुस आया और आक्रामक व्यवहार करते हुए उन पर झपट पड़ा. महिला के शोर मचाने पर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बंदर को वहां से भगाया गया. हमले में महिला घायल हो गईं और परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं.
बीकानेर के कई इलाकों में बंदरों की समस्या
यह घटना केवल एक घर तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यास कॉलोनी और बीकानेर के कई आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से बढ़ती उस समस्या की चेतावनी है, जिसे प्रशासन अक्सर नजरअंदाज करता रहा है. व्यास कॉलोनी जैसे पारिवारिक और रिहायशी क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रहते हैं. ऐसे में आवारा बंदरों और कुत्तों की मौजूदगी लगातार खतरा बनती जा रही है.
आंगन में घुस आते हैं बंदर- स्थानीय
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदरों के झुंड आए दिन घरों की छतों, बालकनियों और आंगनों में घुस आते हैं. वे कपड़े फाड़ देते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और कई बार लोगों पर हमला भी कर देते हैं. दूसरी ओर, आवारा कुत्तों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे सुबह-शाम टहलने वालों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
निवासियों ने नगर निगम बीकानेर और जिला प्रशासन से मांग की है कि बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
लोग अपने घरों में नहीं हैं सुरक्षित
व्यास कॉलोनी के नागरिकों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? शहर के सबसे विकसित और संवेदनशील आवासीय क्षेत्रों में यदि लोग अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं हैं, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है.
अब आवश्यकता इस बात की है कि नगर निगम, वन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर ठोस कार्ययोजना तैयार करें, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और बीकानेर के रिहायशी इलाकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके.
(बीकानेर से भारत एक्सप्रेस के लिए साहिल की रिपोर्ट)
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