पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कोलकाता पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए काम करने का गंभीर आरोप लगाया है. बीजेपी का कहना है कि ये अधिकारी अपनी वर्दी की मर्यादा भूलकर एक राजनीतिक पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
इन अधिकारियों के नाम आए सामने
बीजेपी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को लिखे पत्र में जिन अधिकारियों का नाम लिया है, उनमें शांतनु सिन्हा विश्वास (DCP कोलकाता पुलिस), विजिताश्व राउत और राहुल अमीन अली शाह शामिल हैं. पार्टी ने दावा किया है कि ये अधिकारी न केवल टीएमसी के पक्ष में माहौल बना रहे हैं, बल्कि विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने-धमककाने का काम भी कर रहे हैं. बीजेपी ने मांग की है कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारियों को तुरंत उनके पदों से हटाया जाए.
चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग
बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेजों में कुछ सबूतों का भी जिक्र किया है. पार्टी का तर्क है कि अगर ये अधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं, तो राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान होना संभव नहीं होगा. बीजेपी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इन पुलिस अफसरों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाए और इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाए.
मामले में अब तक क्या हुआ?
फिलहाल चुनाव आयोग ने इस शिकायत को संज्ञान में ले लिया है. सूत्रों के मुताबिक, आयोग इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रहा है और संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जा सकती है. पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान पुलिस की भूमिका हमेशा से चर्चा का विषय रही है, और इस ताजा विवाद ने राजनीतिक पारे को और अधिक बढ़ा दिया है. टीएमसी की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक बड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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