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7 साल बाद जिनपिंग भारत आएंगे? BRICS में मोदी-पुतिन से मुलाकात, ट्रंप टैरिफ पर बनेगा प्लान?

BRICS Summit 2026: भारत सितंबर 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. नई दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की संभावना है. इस बीच ट्रंप का क्या होगा?

BRICS Summit 2026: भारत इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. 12 और 13 सितंबर को राजधानी दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने भारत को इसकी जानकारी दे दी है. रूस की सरकारी एजेंसी TASS ने भी पुतिन के भारत आने की पुष्टि की है.

पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात तय

क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन इस सम्मेलन में भाग लेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के दौरान पुतिन और जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात भी होगी. यह पुतिन का एक साल में दूसरा भारत दौरा होगा.

पिछली यात्रा और SCO सम्मेलन

पुतिन दिसंबर 2025 में भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे. इस महीने की शुरुआत में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी दिल्ली पहुंचे थे और ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल हुए थे. ब्रिक्स सम्मेलन से पहले 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO सम्मेलन होगा, जिसमें पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों के शामिल होने की उम्मीद है.

जिनपिंग का सात साल बाद भारत दौरा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आ रहे हैं. पिछली बार उन्होंने 2019 में चेन्नई के मामल्लापुरम का दौरा किया था. इस बार उनका दिल्ली आना बेहद अहम माना जा रहा है. भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सितंबर में होने वाले वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है.

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ब्रिक्स का विस्तार और ताकत

ब्रिक्स अब 11 देशों का समूह बन चुका है. शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका थे. 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE जुड़े और 2025 में इंडोनेशिया भी शामिल हो गया. यह समूह दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक जीडीपी का करीब 40 फीसदी हिस्सा इसके पास है.

ट्रंप का क्या होगा?

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा चर्चा में रहा, जहां उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला. रूस और ट्रंप के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं और भारत पर भी वह समय-समय पर बयान देते रहते हैं. ऐसे में जब दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन और जिनपिंग एक ही मंच पर होंगे तो यह तस्वीर ट्रंप के लिए कूटनीतिक तौर पर असहज स्थिति पैदा कर सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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