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पीएम मोदी करेंगे बजट वेबिनार का उद्घाटन, विकास और सुधार पर होगी चर्चा

Budget 2026-27 Webinar: पीएम मोदी (PM Modi) शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे. इसमें पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग सुधार और वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.

PM Modi

Budget 2026-27 Webinar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शुक्रवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे. इस वेबिनार का विषय है “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त”. यह कार्यक्रम केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद की चर्चाओं की शुरुआत करेगा.

वेबिनार का मकसद

इस वेबिनार में सार्वजनिक पूंजी निवेश, बुनियादी ढांचे का विस्तार, बैंकिंग सुधार, वित्तीय प्रबंधन, पूंजी बाजार की मजबूती और कर सुधार जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा. इसका उद्देश्य है कि बजट में किए गए ऐलानों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए व्यावहारिक सुझाव और अनुभव जुटाए जाएं.

पहली कड़ी

यह वेबिनार बजट के बाद आयोजित होने वाली चर्चाओं की श्रृंखला का पहला हिस्सा है. सरकार चाहती है कि पिछले अनुभवों से सीख लेकर इस बार के बजट को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए. प्रतिभागियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया को संरचित रूप में इस्तेमाल किया जाएगा ताकि नीतियों का असर सीधे जनता तक पहुंचे.

हितधारकों की भागीदारी

अधिकारियों के मुताबिक इस वेबिनार में उद्योग जगत, वित्तीय संस्थान, बाजार विशेषज्ञ, सरकारी प्रतिनिधि, नियामक और शिक्षाविद शामिल होंगे. सभी मिलकर बजट घोषणाओं के बेहतर क्रियान्वयन के रास्तों पर चर्चा करेंगे.

पूंजीगत व्यय पर जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च का ऐलान किया है. इसका मकसद है बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना. इसके लिए एक अवसंरचना जोखिम विकास कोष भी बनाया गया है ताकि बड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.

विकास की दिशा

बजट में राजमार्ग, बंदरगाह, रेलवे और बिजली जैसी परियोजनाओं को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है. साथ ही 7 रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने और अग्रणी एमएसएमई तैयार करने की योजना है.

राजकोषीय अनुशासन

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देते हुए राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखेगी. भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम करना होगा.

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घाटा घटाने का लक्ष्य

सीतारमण ने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक कम करने का अनुमान जताया है. इससे पहले 2025-26 में घाटा 4.4 प्रतिशत तक घटाया गया था. उनका कहना है कि यह कदम आर्थिक गति बनाए रखने और सार्वजनिक वित्त को स्थिर रखने के बीच संतुलन दिखाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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