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CAA लागू, देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, भाजपा सांसद ने पाकिस्तानी शरणार्थियों को मकान देने का दिया आश्वासन, शशि थरूर ने कही ये बात

CAA लागू होने के बाद दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर दिल्ली पुलिस और RAF की तैनाती की गई है. वहीं दिल्ली पुलिस और RAF ने दिल्ली के सीलमपुर इलाके में फ्लैग मार्च किया.

पाकिस्तानी शरणार्थियों के साथ भाजपा सांसद, इलाके में तैनात जवान

Rohit Rai Edited by Rohit Rai

CAA कानून (Citizenship Amendment Act) के लागू होने के बाद से ही देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. असम में जहां आज बंद की घोषणा की गई है तो वहीं दिल्ली-UP सहित कई राज्यों में सैकड़ों लोग उतर आए हैं. इसको देखते हुए कई राज्यों के संवेदनशील इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इसी के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पुलिस तैनात कर दी गई है. शाहीनबाग इलाके पर पुलिस निगरानी कर रही है. यहां दिल्ली पुलिस की साइबर बिंग भी अलर्ट मोड पर है. बता दें कि पहले दिल्ली में CAA के विरोध में बड़ी संख्या में धरना प्रदर्शन किया जा चुका है. वहीं CAA लागू होने के बाद दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर दिल्ली पुलिस और RAF की तैनाती की गई है. वहीं दिल्ली पुलिस और RAF ने दिल्ली के सीलमपुर इलाके में फ्लैग मार्च किया.

इसी बीच दिल्ली में भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली के मजनू टीला इलाके में रह रहे पाकिस्तानी शरणार्थियों से मुलाकात की है और उनको मकान देने का आश्वासन भी दिया है. वहीं CAA लागू होने पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, ”वे लोग जो विभाजन के समय भारत नहीं आ सके और इन विभिन्न देशों में धर्म के आधार पर प्रताड़ित किये गये. 2014 से पहले भारत आए लोगों को यहां कोई अधिकार नहीं था, इसलिए पीएम मोदी ने उन्हें नागरिकता देकर अच्छा काम किया है ताकि वे भी सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें और अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें.”

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400 के पार की घोषणाएं भी जुमला है

तो वहीं CAA को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है और न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए बयान में कहा है, “ये जो 10 साल से सरकार है वो जुमलेबाज सरकार है अब ये स्पष्ट हो चुका है, जिस तरह से इन लोगों ने हिंदू और मुस्लिमों को लड़ाने की कोशिश की थी उसी आधार पर इन्होंने धर्म की राजनीति की, लेकिन ना हिंदू को और ना ही मुस्लिम को कुछ दे पाएं और अब हर जगह उनकी (बीजेपी) हार तय हो चुकी है.” उन्होंने आगे कहा कि, “400 के पार की घोषणाएं भी जुमला है और ऐसी परिस्थितियां हैं कि ये 150 के भी पार नहीं होंगे. ये लोग जो समान नागरिकता कानून लाने की बात कर रहे थे उसकी लीपापोती की जाने की कोशिश की गई है. ये कानून पहले भी देश में था. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रह रहे हिंदू विचारधार के लोग कितने यहां आते हैं वो भी एक बात है लेकिन देश, हिंदू और मुस्लिम के लिए उन्होंने क्या किया? इसका जवाब उनके पास नहीं है.”

इस कानून को ले लेंगे वापस

तिरुवनंतपुरम, केरल में CAA लागू होने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ”मैं इसे नैतिक और संवैधानिक रूप से गलत मानता हूं. मैं इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करता हूं और मैं यह कहता हूं कि अगर INDIA गठबंधन और कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो हम बिना किसी संदेह के कानून के इस प्रावधान को वापस ले लेंगे. यह हमारे घोषणापत्र में होगा। हम नागरिकता और राष्ट्र के भविष्य में धर्म को शामिल करने का समर्थन नहीं करेंगे…”

असम में आज बंद

बता दें कि ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन ने CAA के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया है. इसके अलावा 16 दलों के संयुक्त विपक्षी फ़ोरम ने आज राज्यव्यापी बंद की घोषणा की है. असम के कुछ इलाकों में CAA की प्रतियां भी जलाई गईं हैं. वहीं AASU से जुड़े लोग दिल्ली आकर सरकार से CAA की अधिसूचना वापस लेने की अपील करने की तैयारी में हैं. तो दूसरी ओर बंद बुलाए जाने पर 16 विपक्षी राजनीतिक दलों को असम पुलिस ने कानूनी नोटिस भेजा है. इसी के साथ ही पुलिस ने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है और कहा है कि, गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, बंद में शामिल लोगों पर केस दर्ज किए जा सकते हैं. गौरतलब है कि, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 2023 के आदेश में कहा था कि ‘बंद’ अवैध और असंवैधानिक हैं. इसी के साथ ही हाईकोर्ट ने ये भी कहा था कि, सरकार प्रदर्शनकारियों से विरोध या हड़ताल की वजह से होने वाले आर्थिक नुकसान की वसूली कर सकती है. वहीं असम के मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी कि बंद बुलाने पर राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस 



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