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महाकुंभ में धर्म संसद का आह्वान, पहले ही हुआ दो फाड़, अखाड़ा परिषद् ने चुनी अलग राह

Mahakumbh 2025: भागवत कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आज धर्म संसद बुलाई है. लेकिन इससे पहले ही महाकुंभ में प्रस्‍तावित धर्म संसद से अखाड़ा परिषद ने दूरी बना ली है

Dharma Sansad In Maha Kumbh

Mahakumbh 2025: आध्यात्मिक गुरु और भागवत कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आज धर्म संसद बुलाई है. संसद का एक प्रमुख उद्देश्य सनातन बोर्ड की स्थापना करना है. लेकिन इससे पहले ही महाकुंभ में प्रस्‍तावित धर्म संसद से अखाड़ा परिषद ने दूरी बना ली है. जी हां, आपको बता दें कि आज थोड़ी देर बाद होने जा रही धर्म संसद में अखाड़ा परिषद शामिल नहीं होगा.

क्यों बुलाई गई है धर्म संसद?

हाल ही में एक धर्म संसद आयोजित की जा रही है, जिसका आयोजन कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के पंडाल में महाकुंभ में सेक्टर 17 में किया जाएगा. इस धर्म संसद में दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. पहला, देश में एक सनातन बोर्ड का गठन और दूसरा, मुसलमानों के वक्फ बोर्ड को समाप्त करना. धर्म संसद में सभी प्रमुख अखाड़ों के पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वरों और विभिन्न संप्रदायों के संत महात्माओं को आमंत्रित किया गया है.

सनातन बोर्ड के मायने क्या?

धार्मिक स्थलों का संरक्षण: बोर्ड का उद्देश्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण करना होगा.
आध्यात्मिक शिक्षा: सनातन धर्म की परंपराओं और ग्रंथों की शिक्षा के लिए संस्थान स्थापित करना.
युवाओं का जुड़ाव: युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने के लिए आधुनिक माध्यमों का प्रयोग करना.
सामाजिक समरसता: विभिन्न हिंदू पंथों और परंपराओं को एकजुट करने का प्रयास.
वैश्विक पहचान: सनातन धर्म के सिद्धांतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाना.
यह धर्म संसद महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श करेगी और सनातन धर्म के भविष्य को लेकर दिशा तय करेगी.

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सनातन बोर्ड Vs वक्फ बोर्ड

वक्फ बोर्ड-

वक्फ का मतलब होता है ‘अल्लाह के नाम’ और इसका उद्देश्य ऐसी संपत्तियों को नियंत्रित करना है जो किसी व्यक्ति या संस्था के नाम नहीं होतीं. वक्फ बोर्ड का एक सर्वेयर होता है, जो यह निर्धारित करता है कि कौन सी संपत्ति वक्फ की है. इसके निर्धारण के तीन मुख्य आधार होते हैं: वक्फ के नाम पर संपत्ति देने, लंबे समय से मुसलमानों द्वारा इस्तेमाल की जा रही जमीन, या सर्वे में वक्फ संपत्ति का सिद्ध होना. वक्फ बोर्ड का गठन मुस्लिम समाज की जमीनों के बेजा इस्तेमाल और गैरकानूनी बिक्री को रोकने के लिए किया गया था.

सनातन बोर्ड-

सनातन बोर्ड ने प्रस्तावित किया है कि देश के प्रमुख मठ-मंदिरों की देखरेख उसके नियंत्रण में हो और इसके लिए 200 प्रमुख मंदिरों की सूची तैयार की गई है. बोर्ड का उद्देश्य है कि ये मंदिर सरकारी नियंत्रण से बाहर हों. इसके साथ ही, बोर्ड चाहता है कि उन मंदिरों से कब्जा हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाए, धर्मांतरण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाए और वेद परंपराओं को बढ़ावा दिया जाए. सनातन बोर्ड का यह कदम धार्मिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए है.

सनातन बोर्ड में क्या होगा प्रावधान

-देशभर के प्रमुख मंदिर शामिल किए गए
-प्रमुख मठ-मंदिर सनातन बोर्ड की देखरेख में चलेंगे
-अध्यक्ष, महामंत्री, मार्गदर्शक मंडल सहित सभी पदाधिकारी चुने गए
-बोर्ड में धर्माचार्यों के अलावा रिटायर्ड जस्टिस और वरिष्ठ वकील भी शामिल
-धर्मांतरण रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा
-वेद परंपराओं को बढ़ावा दिया जाएगा



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