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CBI ने साइबर क्राइम मामले में दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 11 स्थानों पर छापेमारी की, 1.08 करोड़ रुपये नकद, विदेशी मुद्रा और सोना बरामद

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर क्राइम से जुड़े एक ongoing मामले की जांच के तहत 14 फरवरी 2025 को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के हिसार में कुल 11 स्थानों पर व्यापक छापेमारी की.

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सीबीईसी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर क्राइम से जुड़े एक ongoing मामले की जांच के तहत 14 फरवरी 2025 को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के हिसार में कुल 11 स्थानों पर व्यापक छापेमारी की. इस ऑपरेशन के तहत दिल्ली-एनसीआर में नौ और हरियाणा के हिसार में दो ठिकानों पर तलाशी ली गई. यह कार्रवाई आरसी 14/2023 के तहत की गई, जिसे भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और 420 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत दर्ज किया गया था.

सूत्रों के अनुसार, मामले में शामिल आरोपियों ने मिलकर संगठित साजिश रची थी, जिसमें वे सरकारी अधिकारियों के रूप में खुद को प्रस्तुत कर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे. वे कंप्यूटर संसाधनों और क्रिप्टो डिवाइसेज का उपयोग करके क्रिप्टोकरंसी से जुड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भारत और विदेशों में कई लोगों को फर्जी तकनीकी सहायता परामर्श का झांसा देकर उन्हें ठगते थे. पीड़ितों को अपने पैसे क्रिप्टोकरंसी के रूप में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिसके बाद इस रकम को कई क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए घुमाकर नकदी में बदल दिया जाता था.

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इस मामले में सीबीआई पहले ही तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 और 384 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया है.

छापेमारी के दौरान सीबीआई को इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. तलाशी के दौरान छह लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन और एक आईपैड जब्त किया गया. जांच में यह भी पता चला कि आरोपी वीओआईपी आधारित कॉलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे और डार्कनेट तक उनकी पहुंच थी. इसके अलावा सीबीआई ने छापेमारी के दौरान 1.08 करोड़ रुपये नकद, 1000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और 252 ग्राम सोना भी बरामद किया.

सीबीआई इस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों द्वारा अब तक कितने लोगों को ठगा गया और कितना धन अवैध रूप से अर्जित किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.



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