भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान शुक्रवार को सिंगापुर में आयोजित ‘शांगरी-ला डायलॉग 2025’ में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने फ्रांस, ब्रिटेन, जापान आदि विभिन्न देशों के थिंक टैंकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया.
‘भविष्य के युद्ध और युद्ध प्रणाली’ विषय पर विचार साझा करते हुए सीडीएस ने ऑपरेशन सिंदूर के प्रमुख पहलुओं को सामने रखा. उन्होंने यहां यूरोप समेत विश्व के कई देशों के समक्ष ऑपरेशन सिंदूर के कई पहलुओं जैसे डिस्ट्रिब्यूटेड फोर्स एप्लिकेशन, नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन्स, साइबर और सूचना युद्ध, तथा खुफिया क्षमताओं को रेखांकित किया.
शांगरी-ला डायलॉग 2025 के बौद्धिक विमर्श में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत रक्षा आधुनिकीकरण और तीनों सेनाओं के एकीकरण व संयुक्तता को भविष्य की युद्धक्षमता में निर्णायक बताया. भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को नई दिशा देते हुए सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने फ्रांस की नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल निकोलस वाउजुर के साथ मुलाकात की.
ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में विचारों का आदान-प्रदान
इस दौरान दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों ने ऑपरेशन सिंदूर पर विचार साझा किए और क्षेत्रीय परिदृश्य के विकास पर चर्चा की. बैठक में अत्याधुनिक टेकनोलॉजी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में रक्षा सहयोग को बढ़ाने के मार्गों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई.
भारत का मानना है कि यह बातचीत भारत-फ्रांस रणनीतिक समन्वय को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई. वहीं यहां भारत-जापान रक्षा संबंधों को भी नई मजबूती मिली है. जनरल अनिल चौहान ने जापान के चीफ ऑफ स्टाफ, जॉइंट स्टाफ, जनरल योशिहिदे योशिदा से मुलाकात की. ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक समन्वय पर चर्चा हुई.
सीडीएस कार्यालय के मुताबिक यह संवाद भारत और जापान की साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराता है. जनरल अनिल चौहान ने ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल डेविड जॉनस्टन से मुलाकात की. ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय परिदृश्य और सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार साझा किए.
रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के रास्तों पर हुई चर्चा
इस बैठक में समुद्री सहयोग और भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को और सुदृढ़ करने हेतु रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा हुई. भविष्य के युद्धों में भारत की तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग की दिशा में सीडीएस जनरल अनिल चौहान के ये संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. जनरल चौहान ने यहां यूनाइटेड किंगडम के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एडमिरल सर टोनी राडाकिन से भी मुलाकात की.
दोनों सैन्य अधिकारियों की यह मुलाकात ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और क्षमतावर्धन पर विचार-विमर्श हुआ. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में यह बातचीत भारत की रणनीतिक रक्षा साझेदारी को विस्तारित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
वहीं, जनरल अनिल चौहान ने न्यूज़ीलैंड के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एयर मार्शल टोनी डेविस के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान भी ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलावों पर चर्चा की गई. दोनों देशों के बीच सैन्य विनिमय कार्यक्रमों और द्विपक्षीय प्रशिक्षण आयोजनों के माध्यम से रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर विचार किया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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