MP News: अस्पतालों में डॉक्टरों की छोटी सी लापरवाही भी कितनी भारी पड़ सकती है, इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान एक नवजात शिशु को चोट पहुंचाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में तैनात चार सीनियर डॉक्टरों पर 50-50 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है.
सिर्फ इतना ही नहीं, सरकार ने इन चारों डॉक्टरों की सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के भी कड़े आदेश जारी कर दिए हैं. जिन डॉक्टरों पर यह गाज गिरी है, उनके नाम डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे हैं.
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला करीब दो साल पुराना है. अस्पताल में एक महिला की सिजेरियन डिलीवरी की जा रही थी. ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से गर्भ में मौजूद नवजात शिशु के शरीर पर कट (ब्लेड या सर्जिकल औजार की चोट) लग गया. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने काफी हंगामा किया था और न्याय की गुहार लगाई थी.
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2 साल बाद जागा स्वास्थ्य विभाग
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग दो साल तक कुंडली मारकर बैठा रहा. मामला तब गरमाया जब बाल संरक्षण आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया. आयोग की सख्ती और दखल के बाद ही स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा और आनन-फानन में जांच पूरी कर यह दंडात्मक कार्रवाई की.
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-भारत एक्सप्रेस
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