रिपोर्ट-मनोज सिंह
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले से जुड़े ‘मैनपावर घोटाले’ में एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इन सभी पर छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये डकारने का आरोप है.
ओवरटाइम के नाम पर बड़ा ‘खेल’
यह पूरा घोटाला CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के भीतर साल 2019-20 से 2023-24 के बीच हुआ. आरोप है कि प्लेसमेंट और मैनपावर एजेंसियों के जरिए ‘ओवरटाइम भुगतान’ के नाम पर जमकर बंदरबांट की गई. जांच में सामने आया है कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी-भरकम राशि ओवरटाइम भत्ते के नाम पर गबन कर ली गई, जबकि असल में ऐसा कोई काम हुआ ही नहीं था.
अधिकारियों और एजेंसियों की ‘खतरनाक’ मिलीभगत
ACB-EOW की एफआईआर (FIR) के मुताबिक, यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं बल्कि एक गहरी साजिश थी. CSMCL के बड़े अधिकारियों ने मैनपावर एजेंसियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा. फर्जी बिल और वाउचर तैयार किए गए ताकि सरकारी खजाने से पैसा निकाला जा सके. इस अवैध भुगतान का एक बड़ा हिस्सा अधिकारियों और बिचौलियों की जेब में गया.
कोर्ट का फैसला: 11 मई तक रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को ACB-EOW की विशेष अदालत में पेश किया गया. मामले की गंभीरता और करोड़ों के भ्रष्टाचार के सबूतों को देखते हुए कोर्ट ने तमाम आरोपियों को 11 मई तक कोस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है. अब पूछताछ के दौरान इस घोटाले के ‘मास्टरमाइंड’ और अन्य सफेदपोशों के नामों का खुलासा होने की उम्मीद है.
शराब घोटाले की आग में एक और ‘धमाका’
छत्तीसगढ़ में पहले से ही शराब घोटाले की जांच चल रही है, जिसमें कई रसूखदार जेल की हवा खा रहे हैं. मैनपावर घोटाले में हुई इन गिरफ्तारियों ने शासन और प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया है. माना जा रहा है कि यह नियुक्तियों और प्लेसमेंट के नाम पर छत्तीसगढ़ में हुए अब तक के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में से एक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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