Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

उद्धव गुट से शिवसेना में आईं थी नीलम गोरे, अब CM शिंदे ने दी उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी

Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में आजकल हलचल का दौर जारी है. आज का नेता कल किस पार्टी का नेता हो जा रहा है, यह किसी को पहले मालूम भी नहीं हो पा रहा है.

Shiv Sena: नीलम गोरे

Shiv Sena: नीलम गोरे

Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में आजकल हलचल का दौर जारी है. आज का नेता कल किस पार्टी का नेता हो जा रहा है, यह किसी को पहले मालूम भी नहीं हो पा रहा है. एनसीपी में टूट पड़ने के बाद अब एक बार फिर से शिवसेना(उद्धव गुट) में सबकुछ ठीक नहीं हो रहा है. उद्धव गुट की नेता नीलम गोरे कल(7 जुलाई) मुंबई में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गईं थीं. अब सीएम एकनाथ शिंदे ने उन्हें पार्टी में अध्यक्ष के बाद आने वाले सबसे अहम पद दे दिया है. शिंदे ने नीलम गोरे को शिवसेना का ‘नेता’ नियुक्त किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने अनुसार, पार्टी के अध्यक्ष के बाद सबसे वरिष्ठ नेता को यह पद दिया जाता है.

Shiv Sena: शिंदे गुट में आने पर क्या बोलीं नीलम गोरे?

नीलम गोरे को महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का सबसे विश्वासपत्रों में से एक माना जाता रहा है. उनपर उद्धव ठाकरे के साथ पार्टी के अन्य लोग काफी भरोसा भी करते थे लेकिन अब खुद नीलम गोरे ने ही पाला बदल लिया है. सीएम शिंदे की शिवसेना में शामिल होने पर गोरे ने कहा,”एकनाथ शिंदे के कुशल नेतृत्व में शिवसेना सही दिशा में आगे बढ़ रही है. मैंने महिलाओं के मुद्दों और राज्य तथा देश के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शिवसेना(शिंदे गुट) में शामिल होने का फैसला किया है.” वहीं, सीएम शिंदे ने नीलम गोरे के अपनी पार्टी में शामिल होने पर इसे ऐतिहासिक घटनाक्रम बताया था.

उद्धव गुट के नेता ने इसपर हमला बोला था. पार्टी के नेता व सांसद विनायक राउत ने कहा,”जिन लोगों ने उद्धव ठाकरे से अनुग्रह प्राप्त किया, उन्होंने केवल पद हासिल करने के लिए उन्हें और शिवसेना को धोखा दिया.”

ये भी पढ़ें- “मैं स्वीकार करता हूं कि आदिपुरुष से जन भावनाएं आहत…”, मनोज मुंतशिर ने फिल्म को लेकर मांगी माफी

महाविकास अगाड़ी छोड़ शिंदे सरकार में शामिल हुए थे अजित पवार

बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल जारी है. हाल ही में एनसीपी नेता अजित पवार ने अपनी ही पार्टी में दो फाड़ करते हुए महाविकास अघाड़ी के साथ गठबंधन तोड़ राज्य की बीजेपी-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे. उनके साथ एनसीपी के कई विधायक भी आए. बीजेपी-शिवसेना के साथ जुड़ते ही अजित पवार को राज्य में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी मिल गई और उनके साथ आए कई विधायकों को शिंदे कैबिनेट में मंत्री बना दिया गया.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital

Latest