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IAS संतोष वर्मा का ‘खेल’ बेनकाब, CM मोहन यादव ने चलाई कलम; कुर्सी जाना तय

Action On IAS Santosh Verma: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने उनके बर्खास्तगी की सिफारिश कर दी है. जानिए जांच में क्या सामने आया?

CM Mohan Yadav Action On IAS Santosh Verma Recommends Dismissal Shocking Probe Revealed In Investigation

खतरे में ‘विवादित अधिकारी’ की कुर्सी

Action On IAS Santosh Verma: मध्य प्रदेश के विवादित IAS संतोष वर्मा के बयान अब उनके ऊपर तलवार बनकर टूट चुके हैं. सरकार ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, क्योंकि यह पाया गया है कि उनकी पदोन्नति कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के माध्यम से हासिल की गई थी और विभागीय जांच में यह निष्कर्ष निकला है कि उनका आचरण सेवा नियमों का उल्लंघन करता है. सरकार ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी.

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में, राज्य सरकार ने वर्मा को भारतीय प्रशासनिक सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उन्हें राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस कैडर में पदोन्नत करने के लिए “फर्जी और जाली पदोन्नति आदेश” तैयार किए गए थे.

जांच में खुला संतोष वर्मा का राज (Investigation On IAS Santosh Verma)

वर्मा के खिलाफ हुई जांच में पता चला है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त किया था. कारण बताओ नोटिस पर उनकी प्रतिक्रिया असंतोषजनक पाई गई और अधिकारियों ने गौर किया कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान भी अभद्र और भड़काऊ बयान देना जारी रखा. परिणामस्वरूप, सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के तहत उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र जारी करने का निर्णय लिया है.

महीनों में कई विवादों में रहे हैं संतोष वर्मा (IAS Santosh Verma Controversy)

  • इंदौर की अदालतों से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि उसने कथित तौर पर एक घरेलू मामले में बरी होने के लिए मनगढ़ंत फैसले तैयार करने के लिए एक न्यायाधीश के साथ साजिश रची, जिससे आईएएस पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके.
  • जानकारी के अनुसार, वर्मा ने विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से पदोन्नति के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए न्यायिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया.
  • जालसाजी के आरोपों के अलावा, वर्मा को सार्वजनिक मंचों पर अपने भड़काऊ बयानों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. एक वायरल वीडियो में उन्हें भड़काऊ बयान देते हुए सुना गया, जिसकी सामुदायिक संगठनों और न्यायपालिका ने कड़ी आलोचना की.

राज्य सरकार ने छीना पद (Mohan Yadav Action On IAS Santosh Verma)

सरकार ने इन टिप्पणियों को ‘गंभीर दुर्व्यवहार; और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करार दिया, जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला और मजबूत हो गया. मुख्यमंत्री के निर्देश का अनुपालन करते हुए, कृषि विभाग ने वर्मा को कृषि विभाग में उप सचिव के पद से हटा दिया है. उन्हें बिना किसी विभागीय कार्यभार या कार्य के जीएडी पूल से जोड़ दिया गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग हो गए हैं.

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संतोष वर्मा पर अब केंद्र करेगा फैसला (GAD Action On IAS Santosh Verma)

केंद्र को बर्खास्तगी की सिफारिश करके और विभागीय आरोप लगाकर, राज्य ने संकेत दिया है कि धोखाधड़ीपूर्ण पदोन्नति और कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार पर निर्भर करता है, जो वर्मा को आईएएस से हटाने के प्रस्ताव पर कार्रवाई करेगी.



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