हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच किशाऊ जल विद्युत परियोजना के वित्तपोषण और राज्य के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि किशाऊ परियोजना के मुख्य लाभार्थी राज्य — दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान हैं, इसलिए इस परियोजना की पूरी लागत इन राज्यों या भारत सरकार को वहन करनी चाहिए. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के आधिकारों और हितों की रक्षा पर बल देते हुए कहा कि परियोजना से प्रभावित होने वाले राज्य को उचित मुआवजा मिलना चाहिए.
रेणुका बांध और स्थानीय विकास निधि पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने रेणुका बांध परियोजना के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि और निःशुल्क बिजली के घटक पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई. उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित जल विद्युत परियोजनाएं न केवल ऊर्जा उत्पादन में योगदान देती हैं, बल्कि ये राष्ट्र निर्माण और सतत विकास की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं.
जल जीवन मिशन की लंबित राशि शीघ्र जारी करने की मांग
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली लंबित धनराशि को शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया. उन्होंने राज्य में पेयजल योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने में आ रही वित्तीय अड़चनों का जिक्र किया.
केंद्रीय मंत्री ने दिया सहयोग का आश्वासन
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने हिमाचल प्रदेश को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और राज्य सरकार के प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने की बात कही.
इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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