Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

‘कोचिंग डेथ सेंटर बन गए हैं…’ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

Supreme Court on Coaching Centre: सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कोचिंग सेंटर डेथ सेंटर बन गए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों के जीवन के साथ कोचिंग सेंटर खेल रहे हैं.

Rau Coaching Centre

सुप्रीम कोर्ट और राव कोचिंग सेंटर.

Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

Supreme Court on Coaching Centre: कोचिंग सेंटर में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. केंद्र और दिल्ली सरकार और एमसीडी को नोटिस जारी कर 3 सप्ताह में जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कोचिंग सेंटर डेथ सेंटर बन गए हैं. कोर्ट ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों के जीवन के साथ कोचिंग सेंटर खेल रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की घटना आंखें खोलने वाली घटना है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी संस्थान को तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जब तक कि वे सुरक्षा मानदंडों का पालन न करें.

‘अगर कोचिंग सेंटर सेफ्टी नॉर्म का पालन नहीं करते तो…’

कोर्ट ने एजी को इस मामले में कोर्ट की सहायता करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि हमारा ये सोचना है कि अगर कोचिंग सेंटर सेफ्टी नॉर्म का पालन नहीं करते हैं तो इनको ऑन लाइन मोड में कर दिया जाना चाहिए, लेकिन फिलहाल हम ये नहीं कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि मानदंडों में उचित वेंटिलेशन, सुरक्षा मार्च, हवा और रोशनी शामिल होना चाहिए.

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर हादसे से संबंधित दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद एमसीडी और डीडीए को अग्नि सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन कर चल रहे कोचिंग संस्थानों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ कोचिंग सेंटर ऑर्गनाइजेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर में लगी थी आग

मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर में लगी आग से संबंधित मामले में दायर याचिकाओं पर संज्ञान लेने के बाद जून 2023 में सुनवाई शुरू की थी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि जिन कोचिंग संस्थानों के परिसर के बाहर बिजली के उपकरण लगे हैं उन्हें दूसरे स्थानों पर स्थापित किया जाए, क्योंकि वे आम लोगों के लिए खतरे का सबब है.

हाईकोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी गौतम नारायण ने कोर्ट को बताया था कि इंस्पेक्शन से पता चला है कि, वे अभी भी एक नए मैनेजमेंट या नाम के साथ काम कर रहा है. एमिकस क्यूरी ने कहा था कि कोचिंग परिसर अग्नि सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों का पालन नहीं कर रहे थे. मुखर्जी नगर में 15 जून 2023 को कोचिंग सेंटर में आग लगी थी, जिस पर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया था. हाई कोर्ट ने बिना फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रहे कोचिंग सेंटर को बंद करने का आदेश दिया था. साथ ही फायर सर्विस ऑथोरिटी को ऑडिट करने का निर्देश देते हुए यह पता लगाने को कहा था कि ऑथोरिटी यह पता लगाएं कि ऐसी इमारतों के पास फायर सेफ्टी है या नहीं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital