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Karnataka: जर्मन चांसलर को रिसीव करने नहीं पहुंचे CM सिद्धारमैया और कांग्रेसी नेता, भाजपा ने ऐसे कोसा

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ट्ज़ के कर्नाटक दौरे के दौरान कांग्रेसी नेता और सीएम उन्‍हें रिसीव करने के बजाए राहुल गांधी से मिलने चले गए. इसे लेकर BJP की ओर से कांग्रेस को जमकर कोसा गया.

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ट्ज़ के कर्नाटक दौरे पर आज भाजपा-कांग्रेस में सियासी उठापटक हो गई. कर्नाटक की सत्‍तारूढ़ पार्टी को विपक्षी दल भाजपा ने खूब कोसा, भाजपा नेता आर. अशोका ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य के हितों से ज्यादा कांग्रेस ने अपने अगुआ राहुल गांधी को महत्व दिया.

भाजपा नेता आर. अशोका ने कहा कि यह शर्म की बात है, कि जब कोई विदेशी राष्‍ट्राध्‍यक्ष भारत दौरे पर होता है, तो कांग्रेसी नेता हल्‍ला मचा देते हैं कि हमको नहीं बुलाया, हमें नहीं मिलाया; लेकिन आज जब जर्मन चांसलर की कर्नाटक में महत्वपूर्ण यात्रा हुई तो इनके सीएम सिद्धारमैया उनका स्‍वागत करने ही नहीं पहुंचे. इसके बजाए सिद्धारमैया राहुल गांधी का स्‍वागत करने चले गए. उनके द्वारा राज्य के विकास के मौके को नजरअंदाज कर हाईकमान को खुश करने को प्राथमिकता दी गई.

आर. अशोका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट में लिखा, “जर्मन चांसलर जैसे महत्वपूर्ण मेहमान को पीछे छोड़कर राहुल गांधी का स्वागत करना कर्नाटक के साथ धोखा है.” उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसे नेताओं की जरूरत है, जो पार्टी से ऊपर राज्य को रखें.”

दौरे के दूसरे दिन बेंगलुरु गए चांसलर फ्रेडरिक

बता दें कि आज जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ट्ज़ भारत दौरे के दूसरे दिन बेंगलुरु पहुंचे. यह यात्रा कर्नाटक के लिए काफी महत्वपूर्ण थी. इसमें राजनयिक, आर्थिक और रणनीतिक मायने थे. जर्मनी दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. ऐसी यात्रा से राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर मिल सकते थे. लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने नहीं गए.

राहुल गांधी का स्‍वागत करने चले गए सीएम

इसी समय सिद्धारमैया और शिवकुमार मैसूरु में थे. वे राहुल गांधी का स्वागत करने पहुंचे थे. राहुल गांधी तमिलनाडु के ऊटी जा रहे थे. उनका विमान रास्ते में मैसूरु एयरपोर्ट पर रुका. यहां मुख्यमंत्री ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं. सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें भी शेयर कीं.

कर्नाटक में नेता की प्राथमिकताओं का विवाद

विपक्ष के नेता आर. अशोका ने इसे गलत प्राथमिकता बताया. वहीं, विवाद बढ़ने पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी का आना सिर्फ एक छोटा पड़ाव था. कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. लेकिन बीजेपी इसे कांग्रेस की गलत नीति का प्रमाण बता रही है. यह घटना कर्नाटक की राजनीति में नई बहस छेड़ गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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