Ajmer Bandh 23 July
रिपोर्ट – बालकिशन शर्मा
Ajmer Bandh 23 July: अजमेर की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक आनासागर झील की बिगड़ती हालत अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है. झील में मछलियों की मौत, पानी की खराब स्थिति और संभावित संक्रमण को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में 23 जुलाई को प्रस्तावित अजमेर बंद को सफल बनाने के लिए शहर कांग्रेस के नेताओं ने सोमवार को शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च निकाला.
मार्च के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों से संपर्क किया. नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे 23 जुलाई को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन में सहयोग करें. कांग्रेस का दावा है कि आनासागर झील की मौजूदा स्थिति को लेकर शहर के लोगों में नाराजगी है और बंद को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है.
मछलियों की हो रही मौत
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि झील में लगातार मछलियों की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संक्रमण की आशंका के बावजूद प्रशासन ने समय रहते गंभीर कदम नहीं उठाए. इसका असर झील के पर्यावरण के साथ आसपास रहने वाले लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ सकता है.
डॉ. जयपाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अजमेर की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर बदहाली का शिकार है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि शहर के पर्यावरण और पहचान को बचाने की लड़ाई है.
आनासागर है अजमेर की सांस्कृतिक पहचान
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने भी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि आनासागर केवल एक झील नहीं, बल्कि अजमेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है. इसकी अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती.
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कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि 23 जुलाई का बंद सरकार पर दबाव बनाने और झील की समस्या का ठोस समाधान कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है. पैदल मार्च के जरिए कांग्रेस ने न सिर्फ अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई, बल्कि इस मुद्दे को शहर के हर बाजार और हर वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश भी की.
-भारत एक्सप्रेस
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