CWC Meeting in Delhi: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने देश के मौजूदा हालात को लेकर गहरी चिंता जताई है. अपने संबोधन में खड़गे ने जिस ‘गंभीर संकट’ की ओर इशारा किया, वह देश के लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा है. खड़गे ने मोदी सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) को समाप्त करने के फैसले को गरीबों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया.
गरीबों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’- Mallikarjun Kharge
खड़गे ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि संसद के हालिया शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर करोड़ों गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को बेसहारा कर दिया है. उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 41 (काम का अधिकार) पर एक सुनियोजित और क्रूर हमला बताया. खड़गे ने सोनिया गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मनरेगा की मौत हमारी सामूहिक नैतिक विफलता है और यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ के सपने का अपमान है.
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देशव्यापी आंदोलन का आह्वान
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने ऐलान किया कि जिस तरह कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण बिल और काले कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई जीती थी, उसी तरह मनरेगा को बचाने के लिए भी एक बड़ा ‘जन-आंदोलन’ खड़ा करना होगा. उन्होंने राहुल गांधी की भविष्यवाणी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को घुटने टेकने पड़ेंगे और मनरेगा को बहाल करना होगा. खड़गे ने कहा, “पिछले 76 सालों में संविधान ने नागरिकों को इतना सिखा दिया है कि कोई भी तानाशाह उनका अधिकार छीन नहीं सकता.”
वोटर लिस्ट और ‘SIR’ की साजिश
बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने ‘SIR’ (Systematic Issue with Rolls) को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे वोटर लिस्ट लेकर घर-घर जाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी का नाम न कटे.
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उन्होंने (Mallikarjun Kharge) अप्रैल-मई 2026 में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के लिए संगठन को कसने की बात कही. इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और क्रिसमस के मौके पर देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों पर भी सरकार को घेरा.
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