Bihar MLC Election 2026: बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की गहमागहमी के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश (Minister Deepak Prakash) का भविष्य अधर में लटक गया है. विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन के आखिरी दिन भी एनडीए की तरफ से उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया है.
दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए ने अपने 9 उम्मीदवारों (BJP-4, JDU-4, LJP-R-1) की घोषणा कर दी है, जिसमें मंत्री दीपक प्रकाश को जगह नहीं मिली है. आज नामांकन की आखिरी तारीख होने के कारण बिना सदन के सदस्य बने मंत्री पद पर रहने की उनकी 6 महीने की समय-सीमा जल्द समाप्त हो जाएगी, जिससे उनका इस्तीफा तय माना जा रहा है. आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस पर निराशा जताई है लेकिन गठबंधन के साथ रहने की बात कही है.
एनडीए ने नहीं दिया टिकट, आज नामांकन का अंतिम दिन
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर नामांकन दाखिल करने की आज (सोमवार) आखिरी तारीख है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने 4-4 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के हिस्से में एक सीट आई है.
इसके अलावा विपक्षी दल राजद की ओर से सुनील सिंह पहले ही पर्चा भर चुके हैं. एनडीए के इन उम्मीदवारों में भोजपुरी गायक पवन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार शामिल हैं, जो आज विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल करेंगे. लेकिन इस सूची से मंत्री दीपक प्रकाश का नाम गायब है.
6 महीने की संवैधानिक सीमा और खतरे में मंत्री पद
दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार विधानमंडल के किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) के सदस्य नहीं हैं. संवैधानिक नियमों के अनुसार, किसी भी गैर-विधायक को मंत्री पद पर बने रहने के लिए शपथ लेने के 6 महीने के भीतर सदन की सदस्यता लेनी अनिवार्य होती है.
एनडीए द्वारा टिकट न दिए जाने के कारण अब दीपक प्रकाश का मंत्री पद जाना लगभग तय माना जा रहा है. इस फैसले पर पार्टी विधायक आलोक सिंह का कहना है कि यह शीर्ष स्तर का निर्णय है और वे गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं.
उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी और निशांत कुमार पर बयान
दूसरी तरफ, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह एनडीए के साथ मजबूती से जुड़े हैं. हालांकि, उन्होंने जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री का दर्जा न दिए जाने पर निराशा जताई. कुशवाहा ने कहा कि वह पहले से ही निशांत को राजनीति में लाने के पक्षधर थे, लेकिन उन्हें सिर्फ मंत्री नहीं बल्कि डिप्टी सीएम बनाया जाना चाहिए था.
वहीं अपने बेटे दीपक प्रकाश को लेकर उन्होंने अंतिम समय तक उम्मीद जताई कि आरएलएम को विधान परिषद की एक सीट मिल सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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