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अब क्या करेंगी ‘ममता दीदी’? एक साथ लगे दो बड़े झटके, विधायक गिरफ्तार तो सांसद ने दिया इस्तीफा… TMC पर टूटा मुश्किलों का पहाड़!

TMC crisis: पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका लगा है. एक विधायक की गिरफ्तारी और राज्यसभा सांसद के इस्तीफे से ममता बनर्जी की पार्टी में राजनीतिक संकट गहरा गया है.

Mamata Banerjee party crisis

TMC crisis

Mamata Banerjee party crisis: पश्चिम बंगाल की सियासत में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की तकलीफें (TMC crisis) बढ़ती जा रही हैं. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी में विधानसभा चुनाव हार के बाद सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है. पहले पार्टी के 80 में से 58 विधायकों के बगावती रुख और अब राज्यसभा सांसद सुखेंदु रॉय (Sukhendu Roy) के इस्तीफे के साथ ही टीएमसी के फायरब्रांड नेता जहांगीर खान (Jahangir Khan) की गिरफ्तारी ने ममता को पूरी तरह मुश्किल में डाल दिया है.

पहले ही दिया था इस्तीफे का संकेत

सुखेंदु शेखर रॉय ने चार दिन पहले ही यह संकेत दे दिया था कि वह राज्यसभा से इस्तीफा दे सकते हैं. 4 जून को उन्होंने कहा था कि लोकसभा और राज्यसभा के कुछ टीएमसी सांसद इस्तीफा दे सकते हैं. अब सबसे पहले उन्होंने खुद अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया था कि टीएमसी में नेता प्रतिपक्ष को लेकर असंतोष बढ़ रहा है. इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में और भी टीएमसी सांसद पार्टी से अलग हो सकते हैं.

इस सीट पर BJP को फायदा

बंगाल से राज्यसभा की कुल 17 सीटें हैं. इनमें से 13 पर टीएमसी और 3 पर बीजेपी के सांसद हैं. टीएमसी सांसद के इस्तीफे के बाद यहां एक सीट खाली हो जाएगी, जिस पर उपचुनाव कराया जाएगा. माना जा रहा है कि इस उपचुनाव में बीजेपी को राजनीतिक फायदा मिल सकता है, क्योंकि टीएमसी के अंदर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं.


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नेपाल बॉर्डर से पकड़ा जहांगीर खान को

टीएमसी के नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है. उन्हें उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से पुलिस ने पकड़ा. पुलिस के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 मई को उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी अंतरिम सुरक्षा हटा दी थी. उनके खिलाफ दक्षिण 24 परगना के फाल्टा थाने में कुल सात केस दर्ज हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें सीमा क्षेत्र से हिरासत में लिया गया, हालांकि इस कार्रवाई की पूरी जानकारी अभी साझा नहीं की गई है. इससे पहले फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में वे चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने चुनाव से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन समय सीमा खत्म हो जाने के कारण उनका नाम ईवीएम में शामिल रहा.

-भारत एक्सप्रेस



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