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दिल्ली HC ने धोखाधड़ी मामले में अमित को 50 लाख रुपए की निजी मुचलके पर दी जमानत, लंबी जेल अवधि को माना संविधान का उल्लंघन

धोखाधड़ी के मामले में 2022 से जेल में बंद अमित नामक एक व्यक्ति को दिल्ली हाई कोर्ट ने 50 लाख रुपए की निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर जमानत दे दिया है.

Delhi High Court

धोखाधड़ी के मामले में 2022 से जेल में बंद अमित नामक एक व्यक्ति को दिल्ली हाई कोर्ट ने 50 लाख रुपए की निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर जमानत दे दिया है.

जस्टिस अमित महाजन ने जमानत देते हुए कहा कि बिना मुकदमें के लंबे समय तक जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी आरोपी को समय पर मुकदमा चलाए बिना लंबे समय तक जेल में रखा जाता है तो अदालतें उसे जमानत देने के लिए बाध्य है. हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अभी तक आरोप तय नही हुआ है.

लंबे समय तक जेल में नही रखा जा सकता

अभियोजन पक्ष ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के लिए अदालत से बार-बार समय की मांग की है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी 2 साल से अधिक समय से जेल में बंद है. निकट भविष्य में मुकदमें के पूरा होने की कोई संभावना नहीं है. इसलिए उसे लंबे समय तक जेल में नही रखा जा सकता है. हाई कोर्ट ने कहा कि कानून जेल की बजाए जमानत को तरजीह देता है.

इसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली की आवश्यताओ के साथ आरोपी के अधिकारों को संतुलित करना है. कोर्ट ने माना कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर है, लेकिन लंबी कैद एक प्रासंगिक कारक है. जेल भेजने का उद्देश्य मुकदमे के दौरान आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना है. उचित शर्ते लगाकर आरोपी के फरार होने की आशंका को दूर किया जा सकता है.

7 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का आरोपी है अमित

आरोपी अमित को 7 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का आरोप है. आरोपी ने चावल के कंटेनरों का ऑर्डर देकर फर्जी भुगतान रसीदें जारी की थी. जिसकी शिकायत पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज कराई गई थी.

संदीप पर आरोप है कि उसने कंपनी के साथ 640 चावल के कंटेनरों के लिए 74 बुकिंग की थी. इनकी कुल कीमत 11.2 करोड़ रुपए थी. हालांकि आरोपी का कहना है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है. शिकायतकर्ता ने वित्तीय नुकसान के कारण एफआईआर दर्ज कराई थी.


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-भारत एक्सप्रेस



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