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दिल्ली हाई कोर्ट ने PFI अध्यक्ष ओएमए सलाम को अंतरिम जमानत देने से किया इनकार

पीएफआई के अध्यक्ष सलाम को आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 2022 में प्रतिबंधित संगठन पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था.

PFI Leader Salam

पीएफआई नेता ओएमए सलाम.

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेता ओएमए सलाम को अंतरिम जमानत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है. आरोपी ओएमए सलाम को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है. इतना ही नही प्रतिबंधित संगठन और उसके सदस्यों के खिलाफ भी आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज मामला दर्ज किया गया था. न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और अमित शर्मा की पीठ ने दो सप्ताह के लिए रिहाई की मांग करने वाली सलाम की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि अंतरिम जमानत देने का कोई मामला नहीं बनता है.

पीठ ने कहा कि मौजूदा याचिका खारिज की जाती है. सलाम ने इस आधार पर दो सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी थी कि उनकी बेटी का अप्रैल में निधन हो गया था और उनकी पत्नी अब अवसादग्रस्त अवस्था में हैं.

2022 में सलाम को NIA ने गिरफ्तार किया था

पीएफआई के अध्यक्ष सलाम को आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 2022 में प्रतिबंधित संगठन पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, पीएफआई, इसके पदाधिकारी और सदस्यों ने देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के लिए आपराधिक साजिश रची और इस उद्देश्य के लिए अपने कैडरों को प्रशिक्षित करने के लिए शिविर आयोजित कर रहे थे.

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राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध से पहले एनआईए की अगुवाई में एक बहु-एजेंसी ऑपरेशन के तहत देश भर में लगभग एक साथ छापेमारी में देश में आतंकी गतिविधियों का कथित रूप से समर्थन करने के आरोप में 11 राज्यों में बड़ी संख्या में पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया. ये गिरफ्तारियां केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, दिल्ली और राजस्थान सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की गईं.

सरकार ने PFI को किया था प्रतिबंधित

सरकार ने 28 सितंबर, 2022 को कड़े आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पीएफआई और उसके कई सहयोगी संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था, उन पर आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकवादी समूहों के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया था.

-भारत एक्सप्रेस



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