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NEET परीक्षा में ग्रेस मार्क्स के खिलाफ दायर याचिकाओं पर इस तारीख को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

देश के 7 अलग-अलग हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए NTA जल्द एक याचिका दायर करने जा रहा है. बीते 4 जून को मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के रिजल्ट आने के बाद विवाद हो गया है.

delhi high court

दिल्ली हाईकोर्ट.

NEET परीक्षाओं में ग्रेस मार्क्स के खिलाफ दायर याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट 5 जुलाई को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट में पेश हुए.

तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि देश के 7 अलग-अलग हाईकोर्ट में दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए NTA जल्द ट्रांसफर याचिका दायर करने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में भी NEET को लेकर याचिका दायर की गई है. जिस पर कोर्ट NTA को नोटिस जारी कर चुका है.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग की, जिस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कॉउंसलिंग को लेकर सुनवाई कर चुका है, इसलिए रोक लगाना सही नहीं होगा.

इनके द्वारा दायर की गई याचिका

यह याचिका श्रेयांसी ठाकुर सहित अन्य की ओर से दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि ग्रेस मार्क्स देने का एनटीए का फैसला मनमाना है और हजारों छात्रों को प्रभावित कर रहा है. याचिकाकर्ता के मुताबिक कोर्ट में अर्जी दाखिल करने वालों के संज्ञान में पेपर लीक के कई मामले आए थे.

उम्मीदवारों का तर्क है कि नीट का कथित पेपर लीक संविधान के अनुच्छेद 14 में वर्णित समानता के अधिकार का उल्लंघन है, क्योंकि इस हरकत ने कुछ उम्मीदवारों, जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा देने का विकल्प चुना था. उनके मुकाबले दूसरों को अनुचित लाभ मिला. सिर्फ पेपर लीक ही नहीं परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों ने और भी कई तरह के आरोप लगाए थे. इन सभी आरोपों पर एनटीए ने सफाई देते हुए खुद को क्लीनचिट दी है.

कई याचिकाएं दायर

बता दें कि नीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का सिलसिला लगातार जारी है. सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है. कोटा की रहने वाली तन्मया शर्मा और 16 अन्य छात्रों की ओर से दायर की गई है. याचिकाकर्ताओं ने नामांकन प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है. याचिका दायर करने वाले सभी छात्र अलग-अलग कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले इन छात्रों के परीक्षा में 600 से ज्यादा नंबर है.

छात्रों का कहना है कि पिछले साल इन्हीं नंबरों पर इन सरकारी कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई के लिए एडमिशन मिल रहा था और इस बार ग्रेस मार्क्स की वजह से इन छात्रों को लगभग उन्हीं नम्बरों पर किसी भी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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