दिल्ली में AQI 300 के पार.
Delhi air pollution: दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली होने लगी है. 7 मार्च 2025 को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 202 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. इसके मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-1 को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है.
AQI में और गिरावट की आशंका
मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गति धीमी रहने की संभावना है. इसके कारण वेंटिलेशन कमजोर रहेगा, जिससे प्रदूषकों का प्रभाव बढ़ सकता है और AQI में और गिरावट दर्ज की जा सकती है.
GRAP स्टेज-1 के तहत क्या होंगे प्रतिबंध?
GRAP स्टेज-1 लागू होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जाएंगे:
- निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी.
- सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि धूल न उड़े.
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बसों और मेट्रो की संख्या बढ़ाई जाएगी.
- डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी होगी, सिवाय आवश्यक सेवाओं के.
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ रही है हवा
दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है. सर्दियों के बाद मार्च में भी हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका है. विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने का असर भले ही कम हो गया हो, लेकिन वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां प्रदूषण को बढ़ा रही हैं.
वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, गाड़ियों की अनावश्यक आवाजाही कम करें और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों से बचें. इसके अलावा, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को घर से कम निकलने की सलाह दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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