दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता पर हमला करने और उनका सिर फोड़ने का शेखी बघारने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कस गया है. दिल्ली पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है.
आरोपी के खिलाफ SC-ST एक्ट की धाराएं जुड़ने के बाद पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की है.
क्या था जंतर-मंतर का पूरा मामला?
दरअसल, यह विवाद 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था.
प्रदर्शन में शामिल निशु आजाद नाम की छात्रा के पिता संजय आजाद अपने मोबाइल से विरोध प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे. इसी दौरान रिकॉर्डिंग को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथियों से कहासुनी हो गई. आरोप है कि बहस बढ़ने पर स्वतंत्र ने संजय आजाद पर किसी भारी और कठोर चीज से जानलेवा हमला कर दिया. घायल संजय आजाद को आरएमएल (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर पर गहरे घाव पाए गए.
पॉडकास्ट से गरमाई राजनीति
यह मामला दो महीने बाद तब फिर से गरमा गया जब सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट का क्लिप वायरल हुआ. इसमें आरोपी खुद यह दावा करते हुए दिखा कि उसने संजय आजाद का सिर फोड़ दिया था और उन्हें 60 टांके आए थे.
वायरल वीडियो के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया था कि वह अब तक जेल से बाहर क्यों है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच की जा रही है.
बुलंदशहर से पकड़ा गया आरोपी
मामला बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने सीजेपी और पीड़ित परिवार को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था. इसके बाद लगातार दबिश दे रही पुलिस टीम ने आखिरकार स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से धर दबोचा. पुलिस अब उससे घटना और वायरल पॉडकास्ट के सिलसिले में विस्तृत पूछताछ कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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