Urdu Conclave 2026

कराची से वीडियो कॉल पर चल रहा था अंडरवर्ल्ड का ‘खेला’! दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम की मुन्ना झिगाड़ा की बड़ी साजिश

ISI Terror Module: दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कराची से संचालित हो रहे ISI-मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. दाऊद इब्राहिम का करीबी मुन्ना झिगाड़ा नशे और पैसों का लालच देकर भारत में एक नई ‘जिहादी ब्रिगेड’ तैयार कर रहा था, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया.

ISI Terror Module

ISI Terror Module: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक नए और खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस पूरे नेटवर्क को कराची में बैठकर दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim)  का बेहद करीबी मुन्ना झिगाड़ा ऑपरेट कर रहा था, जो भारत में एक नई ‘जिहादी ब्रिगेड’ तैयार करने की फिराक में था.

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक नए आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इसे कराची से दाऊद इब्राहिम का करीबी मुन्ना झिगाड़ा वीडियो कॉल के जरिए चला रहा था. यह मॉड्यूल ड्रग्स (Module drugs) के आदी युवाओं को पैसों का लालच देकर ‘जिहादी ब्रिगेड’ (Jihadi Brigade) में भर्ती कर रहा था.

पंजाब बॉर्डर पर इसके लिए हथियार भी गिराए गए थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इस पूरी साजिश को नाकाम कर दिया.

कराची के सेफ हाउस से वीडियो कॉल पर साजिश

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुन्ना झिगाड़ा ने कराची में दाऊद इब्राहिम के कथित ‘व्हाइट हाउस’ ठिकाने से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर, एक फाइव स्टार होटल के पास अपना नया सेफ हाउस बनाया है.

गिरफ्तार आरोपियों ने कुबूल किया है कि झिगाड़ा इसी सेफ हाउस से वीडियो कॉल के जरिए भारत में नए लड़कों को जोड़कर अंडरवर्ल्ड की ‘जिहादी ब्रिगेड’ तैयार कर रहा था. नेटवर्क में विश्वास और पहचान बनाए रखने के लिए उसने हाल ही में अपनी कुछ तस्वीरें भी भारत में मौजूद अपने गुर्गों को भेजी थीं (Delhi Police Special Cell).

चिट्टे (हेरोइन) की लत और पैसों का खेल

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल में भर्ती के लिए युवाओं की कमजोरियों का इस्तेमाल किया जा रहा था (ISI Terror Module). गिरोह में शामिल कई लड़के ‘चिट्टा’ (हेरोइन) के आदी थे. मुन्ना झिगाड़ा (Munna Jhigada) ने उनकी इस लत का फायदा उठाया और उनके लिए ड्रग्स की खेप पहुंचानी शुरू कर दी.

पकड़े गए आरोपियों और पाकिस्तानी आकाओं के बीच हुई चैट से साफ हुआ है कि भारत में बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसके एवज में शुरुआती टोकन मनी और पंजाब के गुरदासपुर बॉर्डर पर हथियार और हैंड ग्रेनेड गिराए गए थे.

डी-कंपनी को दोबारा जिंदा करने की कोशिश

सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील की बढ़ती उम्र के कारण कमजोर पड़ रही डी-कंपनी को मुंबई में दोबारा पैर जमाने के लिए यह नई रणनीति तैयार की गई थी. इसके लिए अंडरवर्ल्ड ने अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद खिलाड़ी मुन्ना झिगाड़ा पर दांव खेला (ISI terror module).

कुर्ला का रहने वाला झिगाड़ा पुरानी पीढ़ी का अपराधी है और मुंबई में उसके संपर्क आज भी जिंदा हैं. फिलहाल इस नेटवर्क के एक अहम किरदार ‘हुफैजा’ की तलाश में मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, जो सीधे झिगाड़ा से जुड़ा हुआ था.

यह भी पढ़ें: सरहद पार से ‘हथियार तस्करी’ की बड़ी साजिश नाकाम! गुरदासपुर में BSF ने ड्रोन गिरा फेरा PAK के अरमानों पर पानी

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read