दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने मुनक नहर पर तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड रोड बनाने की मंजूरी दे दी है. ये बड़ा फैसला गुरुवार को दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में लिया गया है. इस रोड का डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तीन महीने में तैयार हो जाएगा. पूरा प्रोजेक्ट तीन साल में बनकर तैयार करना है.
NHAI को रोड बनाने की जिम्मेदारी
ये एलिवेटेड रोड बवाना से इंद्रलोक तक लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा. इसको बनाने की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को दी गई है. अमुमान है कि इस रोड के बन जाने से हर दिन लाखों लोगों को बेहतर आवाजाही का फायदा मिलेगा. इसके अलावा मुनक नहर के आसपास अपराध पर भी लगाम लगाई जा सकेगी.
मुनक नहर अहम क्यों ?
मुनक नहर दिल्ली के लिए बहुत अहम माना जाता है. ये हरियाणा के करनाल से शुरू होकर दिल्ली के हैदरपुर तक जाती है. इसकी सड़क की कुल लंबाई की बात करे तो ये 102 किलोमीटर है. 102 किलोमीटर सड़क में से 85 किलोमीटर सड़क हरियाणा में और 17 किलोमीटर दिल्ली में आता है. यह नहर दिल्ली को पीने का पानी देती है और शहर के कई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे हैदरपुर, नांगलोई, बवाना और द्वारका को पानी पहुंचाती है.
रखरखाव की जिम्मेदारी किसको ?
इस एलिवेटेड रोड के बन जाने से 2 लोकसभा क्षेत्र, 18 विधानसभा सीटें और 35 एमसीडी वार्ड कवर होंगे. रोड बनाने का काम तो NHAI को सौंपा गया है लेकिन मुनक नहर की बाउंड्री, इलेक्ट्रिक काम और रखरखाव पीडब्ल्यूडी संभालेगा. दिल्ली सरकार ने इसके लिए हरियाणा से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC) भी मांगा है. माना जा रहा है कि इससे आने-जाने की सुविधा तो बढ़ेगी ही, साथ ही नहर क्षेत्र की सुरक्षा भी बेहतर होगी.
जाट आंदोलन में दिल्ली हुई थी परेशान
यह वही नहर है जो अगर बंद हो जाए तो दिल्ली में जल संकट खड़ा हो जाता है. जाट आरक्षण आंदोलन के समय में इसका पानी रोका गया था तब पूरी राजधानी परेशान हो गई थी. ऐसे में ये प्रोजेक्ट दिल्ली की जनता के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकता है.
-भारत एक्स्प्रेस
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