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Deoria Murder Case: प्रेमचंद यादव सहित 11 लोगों के असलहे का लाइसेंस सस्पेंड, जानें किस-किस पर लिया गया एक्शन

प्रेमचंद यादव के ड्राइवर नवनाथ मिश्रा ने सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिवार को गोली मारी थी. फिलहाल पुलिस नवनाथ मिश्रा को गिरफ्तार कर चुकी है और राइफल भी बरामद कर ली गई है.

घटनास्थल पर तैनात पुलिस (फोटो सोशल मीडिया)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Deoria Murder Case: पुलिस और जिला प्रशासन लगातार जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. अभी लॉ एंड आर्डर को देखते हुए कुछ आरोपियों के 11 लाइसेंसी असलहों को सस्पेंड किया गया है. घटना में मारे गए पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की राइफल के लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया गया है. पुलिस उन सभी असलहों को जमा करने में जुट गई है.

संवाददाता ने बताया कि पुलिस अभी तक 8 असलहों को जमा कर चुकी है. यह बड़ी कार्रवाई एसपी से मिली रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने की है. गौरतलब हो कि 2 अक्टूबर को देवरिया के फतेहपुर गांव में एक साथ 6 लोगों की हत्या हो गई थी. पहले प्रेमचंद यादव की हत्या हुई और फिर बाद में प्रेमचंद यादव के समर्थकों ने सत्यप्रकाश दुबे के घर में घुसकर उनके साथ ही उनकी पत्नी और तीन बच्चों की गोली और लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी.

ड्राइवर नवनाथ मिश्रा ने सत्यप्रकाश की ली थी जान

हाल में जानकारी सामने आई थी कि प्रेमचंद यादव के ड्राइवर नवनाथ मिश्रा ने सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिवार को गोली मारी थी. फिलहाल पुलिस नवनाथ मिश्रा को गिरफ्तार कर चुकी है और राइफल भी बरामद कर ली गई है. इस राइफल का लाइसेंस प्रेमचंद यादव के नाम पर था. पुलिस ने अब इस लाइसेंस को निरस्त कर दिया है.

हत्याकांड में अपने माता-पिता और दो बहनों व एक भाई को खो चुकी सत्यप्रकाश दुबे की बेटी शोभिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. शोभिता ने रुद्रपुर कोतवाली में 27 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस 21 अरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. तो वहीं जो रिपोर्ट यादव परिवार की ओर से दर्ज कराई गई है, उसमें पांच लोगों का नाम शामिल है और वे पांच लोग इस हत्याकांड में मारे जा चुके हैं.

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मामले में जमकर हो रही है राजनीति

मालूम हो कि इस घटना के बाद से गांव में तनाम का माहौल है. इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने यहां फतेहपुर गांव में धारा 144 लागू कर दी थी जो कि 8 नवम्बर तक लागू रहेगी तो वहीं गांव में घटना के दिन से ही भारी पुलिस बल तैनात है. दूसरे इस मामले में जमकर राजनीति हो रही है. राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं का पीड़ित परिवारों से मिलना जारी है.

इन लोगों के सस्पेंड हुए लाइसेंस

संवाददाता के मुताबिक, मृतक प्रेमचंद यादव की राइफल का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही कन्हैया व उमेश यादव की बंदूक, राम नगीना सिंह की बंदूक, निशांत सिंह की राइफल, वीरेंद्र कुमार निषाद की राइफल, शारदा यादव की बंदूक, चंद्रप्रकाश यादव की दो नाली बंदूक औऱ कमलेश कुमार की पिस्टल को सस्पेंड कर दिया गया है. गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए प्रशासन ने 12 असलहा लाइसेंस वालों के खिलाफ ये कार्रवाई की है. इनमें से कुछ नाम ऐसे हैं, जो इस हत्याकांड में शामिल हैं. बता दें कि रुद्रपुर कोतवाली पुलिस अब तक जिला प्रशासन को कुल 17 लाइसेंसी असलहा रखने वालों की सूची भेज चुकी है, जिनमें से 11 के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर चुकी है.

गौरतलब है कि घटना के बाद से ही रुद्रपुर पुलिस गांव में उनक लोगों की सूची बनाने लगी थी, जिनके पास असलहों के लाइसेंस थे. इनमें से तीन लाइसेंस को जिला प्रशासन ने हत्याकांड के बाद ही सस्पेंड कर दिए थे, जिसमें गेंदालाल यादव और अनिरुद्ध यादव जो कि जेल में बंद है और अभय यादव की पिस्टल शामिल है. इसी के साथ असलहा निलम्बन के लिए 9 अन्य लोगों की सूची एसपी संकल्प शर्मा ने जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह को भेजी थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर ही अन्य लोगों पर कार्रवाई की गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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